स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल-पैथोलॉजी लैब का रिकाॅर्ड गायब होने के बाद नए सिरे से प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें करीब 250 अस्पताल-लैब के संचालकों को फोन पर संदेश भेजकर नए सिरे से आवेदन करने को निर्देशित किया गया है। प्रमाणपत्रों की जांच और संस्थान के भौतिक सत्यापन के बाद लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाएगा।
इस बार से चिकित्सकीय संस्थानों को पांच साल के लिए लाइसेंस दिया जा रहा है। अभी तक 750 संस्थानों के लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया था। बीते सप्ताह पोर्टल से इनका रिकाॅर्ड गायब हो गया था। इसके बाद तकनीकी टीम ने कई संस्थानों का रिकाॅर्ड रिकवर कर लिया। अभी 250 का डाटा नहीं दिख रहा है। इसके लिए संचालकों के फोन नंबर पर नए सिरे से आवेदन करने का संदेश भेजा गया है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकांश अस्पताल-लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर का रिकाॅर्ड रिकवर हो गया है। इनका विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। करीब 250 संस्थानों का रिकाॅर्ड नहीं मिला है। उनसे दोबारा आवेदन के लिए कहा गया है।
दो महीने पिछड़ गया पंजीकरण
स्वास्थ्य विभाग में बीते साल 1317 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत थे। इनमें 492 क्लीनिक, 487 अस्पताल, 150 पैथोलाॅजी लैब, 103 डायग्नोस्टिक सेंटर और 85 डेंटल क्लीनिक हैं। मई तक इनका लाइसेंस का नवीनीकरण होना था लेकिन दो महीने प्रक्रिया पिछड़ गई है। इससे बिना मानक वाले अस्पतालों की छंटनी भी नहीं हो पा रही है।