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UP: 'अब देश के लिए लड़ूंगा', पिता को मगरमच्छ से बचाने वाले अजयराज की PM ने थपथपाई पीठ; गांव के लिए की ये मांग

Sun, 28 Dec 2025 05:45 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

मगरमच्छ के हमले में पिता को बचाने वाले अजयराज राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद अपने गांव पहुंचे। इस दाैरन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत भी साझा की। 
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अजय राज को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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त्वरित बुद्धि एवं अदम्य साहस का परिचय देकर बासौनी के झरनापुरा गांव के अजयराज ने 25 जुलाई को मगरमच्छ के हमले में अपने पिता वीरभान सिंह की जान बचाई थी। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलते ही अजयराज देश भर के बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से पुरस्कार लेने एवं पीएम नरेन्द्र मोदी से बातचीत कर घर लौटे अजयराज ने बताया कि अब फौजी बन कर देश के लिए लडूंगा। पुरस्कार से हौसला बढ़ा है। अजयराज ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मगरमच्छ के हमले की घटना पूछी तो उन्हें बताया कि पिता अपनी बकरियों को चंबल नदी में पानी पिला रहे थे। इसी दौरान वह पानी भरने लगे, मगरमच्छ उनके पैर को अपने जबड़े में जकड़ कर नदी में खींच रहा था। पिता ने आवाज दी तो वह डंडा लेकर नदी में कूद गया।

मगरमच्छ के सिर पर 10-15 डंडे मारे, लेकिन पिता के पैर को नहीं छोड़ा, कुछ डंडे आंख पर मारे, तब मगरमच्छ उनको छोड़ कर भाग गया। पिता को सहारा देकर नदी से बाहर लाए और परिजनों के साथ इलाज को अस्पताल ले गए। इतना सुनने के बाद प्रधानमंत्री ने पीठ थपथपा कर शाबासी दी। उन्होंने पढ़ाई के बारे में पूछा तो बताया अभी चौथी में हूं, उन्होंने कहा खूब पढ़ो। अजयराज ने प्रधानमंत्री से गांव के लिए सड़क मांगी। प्रधानमंत्री ने चॉकलेट और बिस्कुट खिलाए। अजयराज ने बताया कि खुश हूं, हौसला बढ़ा है।
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दादी को पहनाया मेडल
आगरा के बाह के झरनापुरा के अजयराज के सिर से पांच साल पहले मां का साया छिन गया था। दादी रतन देवी ने उनका पालन पोषण किया। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार लेकर शनिवार की सुबह अजयराज घर पहुंचे तो खाट पर बैठी दादी को अपना मेडल पहना दिया, फिर उनके पैर छुए। दादी की आंखों में गर्व के आंसू भर आए। उन्होंने अजयराज को चूमा और गोदी में भींच लिया। उन्होंने बताया कि जब अनीता का निधन हुआ था, तब अजयराज 4 साल का था। वह तीन बच्चों में मझला है। काजल बड़ी है, कुशाल छोटा है। अनीता के निधन के बाद बच्चों की वही देखभाल कर रहीं हैं।

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