आप जिस स्कूल बस में अपने लाड़ले को स्कूल भेज रहे हैं उसकी फिटनेस और सीटें वगैरह परख लें। आगरा में 384 स्कूली बसें फिटनेस खत्म होने के बाद भी नौनिहालों को लाने ले जाने में लगी हुई हैं। किसी बस में ज्यादा बच्चों को बिठाने के लिए सीटें हटाकर बेंच लगा दी गई हैं तो कोई कबाड़ घोषित होने के बाद भी सड़कों पर फर्राटा भर रही है। स्पीड गवर्नर और फायर सेफ्टी सिस्टम भी गायब है। अमर उजाला की पड़ताल में स्कूली बसों में यह खामियां सामने आईं।