विशाल भारद्वाज ने बताया कि शास्त्रीपुरम में जायदाद केंद्र के नाम से कार्यालय में जमीनों का कारोबार करने वाले भूपेंद्र सारस्वत से एक जमीन को लेकर बात की थी। इसके लिए उन्होंने उसे सात लाख रुपये दिए। रुपये लेने के बाद उसे जमीन के कागजात तक नहीं दिए गए। रुपये मांगने पर धमकी मिली।
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इस पर वो शिकायत करने एसीपी हरीपर्वत के कार्यालय गए। जांच के आदेश हो गए। इसकी जानकारी पर 1 घंटे में थाना सिकंदरा में भूपेंद्र पक्ष की शिकायत पर उसके खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया गया। उन्होंने अपर पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई। इस पर जांच के आदेश हुए। मगर, इस बार भी उसके खिलाफ ही शिकायत कर दी गई। भूपेंद्र पक्ष ने भी मुकदमे के आदेश करा लिए।
बाद में एक ही मामले में दोनों पक्षों के केस दर्ज हुए। भूपेंद्र ने एक और केस दर्ज कराया था। इसमें भी उसे नामजद कर दिया। विशाल ने सवाल उठाया कि मुकदमे लिखने में नियम कायदे ताक पर रख दिए गए। जिन शिकायत पर जांच होनी चाहिए थी, उन पर केस दर्ज किए जाते थे। उनकी शिकायत पर कार्रवाई तक नहीं होती है।
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इस दाैरान उस पर हमले हुए। धमकी तक दी गई। फिर भी शिकायत को दबा दिया गया। अब उन्होंने हत्या की सुपारी देने का आरोप लगाया है। तहरीर पर पुलिस ने भूपेंद्र सारस्वत, अमित, जेल में निरुद्ध सोनू गाैतम और शोभित चतुर्वेदी को नामजद किया। अमित फिजियोथेरेपिस्ट है। वह भूपेंद्र का साथी है। दोनों साथ रहते हैं। विशाल में साजिश में उसकी भी संलिप्तता बताई है।