आगरा। ट्रांसपोर्टर असगर अली हत्याकांड में आरोपी रवि यादव को जेल से तलब करने के लिए विवेचक ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया। रिमांड बनने के बाद कोर्ट की अनुमति से बयान दर्ज किए जाएंगे। उससे पूछताछ के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में मृतक के परिजन ने पहले जिन लोगों पर आरोप लगाए थे, उनकी संलिप्तता के संबंध में पुलिस अपनी जांच आगे बढ़ाएगी। विवेचक के प्रार्थनापत्र पर 22 मई को सुनवाई होगी। रवि यादव को भी जेल से लाया जाएगा।
मेवाती गली, शाहगंज निवासी असगर अली की चार अप्रैल को मल्ल का चबूतरा के पास हत्या कर दी गई थी। सड़क पर उन्हें पीछे से टक्कर मारकर कार से कुचल दिया गया था। पहले हादसे की धारा में प्राथमिकी हुई। साक्ष्यों के आधार पर हत्या की धारा बदली गई। रवि यादव और कामरान वारसी के नाम शामिल हुए। परिजन ने जीएसटी अधिकारी और उनके पति पशु कल्याण अधिकारी अजय कुमार यादव पर भी आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने रवि और कामरान की गिरफ्तारी के लिए दबिश का दावा किया था। मगर मंगलवार को रवि वर्ष 2019 के मामले में कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि रवि यादव हत्या के मामले में वांछित है। हत्या में उसका रिमांड लेने के लिए विवेचक ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। उसकी 22 मई को सुनवाई होगी। रवि यादव को जेल से तलब किया जाएगा।
हत्या के मामले में उसका वारंट बनेगा। विवेचक जेल में उसके बयान दर्ज करेंगे। उधर, घटना को 45 दिन हो चुके हैं। इसके बाद भी पुलिस इन दो नामों के अलावा किसी नाम की वृद्धि नहीं कर सकी है। हत्या के पीछे मृतक के परिजन ने अवैध वसूली का विरोध बताया था। इसके पीछे असली वजह क्या है, यह सामने आना बाकी है।
-सवालों के जवाब से खुलेंगे कई राज
पुलिस रवि यादव से कई सवाल पूछेगी। हत्याकांड में शुरू से ही जीएसटी अधिकारी और उनके पति पशु कल्याण अधिकारी का नाम लिया जा रहा है। हालांकि दोनों अधिकारियों ने आरोपों को निराधार बताया है। तीन ऑडियो क्लिप भी वायरल हुई थी। इनके रवि और पशु कल्याण अधिकारी के बीच की होने का दावा किया गया। पुलिस रवि के बयान दर्ज करेगी। पुलिस के पास आरोपी रवि की लोकेशन से लेकर अन्य जानकारी है। इन सबके बारे में सवाल किए जाएंगे। जिस कार से हत्या हुई, वह रवि के पास कैसे आई, यह पूछा जाएगा। यह भी जानकारी जुटाई जाएगी कि वह अधिकारियों के संपर्क में कैसे आया।