जिला अस्पताल में अप्रैल माह में सबसे ज्यादा कुत्तों द्वारा जख्मी किए गए लोग आए। वहीं दूसरे नंबर पर बंदर हैं। इनके बीच 32 ऐसे मामले हैं जिन्हें बिल्ली और चूहों ने काटा है।
आगरा में कुत्ता-बंदर के अलावा अब चूहे और बिल्ली भी हमलावर हो गए हैं। जिला अस्पताल में बीते अप्रैल माह में चूहे-बिल्ली काटने के 32 मामले सामने आए। सभी को एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवानी पड़ी।
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एआरवी के ओपीडी प्रभारी डॉ. केसी धाकड़ ने बताया कि मार्च में 3878 लोगों ने एआरवी लगवाई। इसमें सबसे ज्यादा कुत्ता काटने के रहे। 3389 मरीज पूरे महीने आए, जिनको कुत्ते ने काटा था। दूसरे नंबर पर बंदर काटे के मरीज रहे, इनकी संख्या 457 रही। 30 दिन में 4 मरीज ऐसे आए, जिनको रात में साेते वक्त चूहे ने पैर और अंगुली में काट लिया। एआरवी लगवाने वाले मामलों में बच्चों और किशोरों की संख्या लगभग आधी रहती है।
जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट अरुण शर्मा ने बताया कि 2023 में अप्रैल में सबसे ज्यादा एआरवी लगवाने वाले मरीज रहे। एक दिन में सबसे ज्यादा 684 मरीजों को एआरवी लगवाई, जो बीते तीन साल में सबसे ज्यादा रही है।