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नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ हिंदू संगठनों में आक्रोश, राष्ट्रीय बजरंग दल ने बताया गद्दार

Mon, 20 Aug 2018 10:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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नवजोत सिंह सिद्धू का पुतला फूंकते लोग - फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री इमरान खान की ताजपोशी में गए पंजाब सरकार के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। 
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हिंदूवादी संगठनों ने तो उन्हें देशद्रोही तक कहना शुरू कर दिया है। आगरा में रविवार को राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने फूल सैयद चौराहे पर सिद्धू के खिलाफ प्रदर्शन कर उनका पुतला दहन किया। 

राष्ट्रीय बजरंग दल के महानगर अध्यक्ष गोविंद पाराशर के नेतृत्व में कार्यकर्ता करीब 11 बजे फूल सैयद चौराहे पर एकत्र हुए। उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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सिद्धू का पुतला फूंका

नवजोत सिंह सिद्धू का पुतला फूंकते लोग
विरोध प्रदर्शन के चलते माल रोड पर जाम लग गया। प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ता पुतला साथ लेकर आए थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए सिद्धू के पुतले को आग के हवाले कर दिया। 

गोविंद पाराशर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से पूरे देश में शोक का माहौल है। वहीं पंजाब सरकार के मंत्री नैतिकता को भूल कर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।  

उन्होंने कहा कि सिद्धू पाकिस्तान की सेना के अधिकारियों से गले मिल रहे हैं, जबकि पाक की सेना हमारे फौजियों और आम नागरिकों पर गोलियां बरसा रही है। उन्होंने कहा कि यह देशद्रोह से कम नहीं है। 
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उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन में नागेश शर्मा, अतुल चौहान, अजय तोमर, जितेंद्र राजपूत, अवधेश पंडित, मोहन शर्मा, आकाश पंडित, लोकेश शर्मा, मनीष ठाकुर, नंद किशोर शर्मा, बाला पंडित आदि मौजूद रहे। 

इस संगठन ने भी किया विरोध 

वहीं हिंदू कल्याण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वाटर वर्क्स चौराहे पर नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां भी कार्यकर्ताओं ने सिद्धू का पुतला जलाया। 

मनोज अग्रवाल ने कहा कि सिद्धू देश के आत्मसम्मान के खिलवाड़ किया है। जब अन्य क्रिकेटर वहां नहीं गए तो सिद्धू को जाने की जरूरत थी, वह भी ऐसे वक्त में जब देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी का निधन हो गया है और देश में सात दिन का शोक है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। 
 
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