मैनपुरी। राशन वितरण में ई-पॉस व्यवस्था लागू होने के बाद कालाबाजारी का खेल बंद हो गया है। इसके बाद अब राशन डीलर इस्तीफा दे रहे हैं। अब तक 12 डीलर इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन पूर्ति विभाग इन्हें मंजूर नहीं कर रहा है।
जिले में राशन वितरण के लिए 800 दुकानें हैं। यहां से जिले के राशनकार्ड धारकों को राशन मिलता है। छह माह से ई-पॉस से वितरण अनिवार्य कर दिया है। इसके चलते राशन वितरण में गोलमाल रुक गया है। केवल उन्हीं लोगों को राशन मिलता है जो ई-पॉस मशीन में अपना अंगूठा लगाकर राशन लेते हैं।
अब राशन डीलरों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। अब तक 12 राशन डीलर पूर्ति विभाग को इस्तीफा सौंप चुके हैं लेकिन जिला पूर्ति अधिकारी इन्हें स्वीकार नहीं कर रहे। अब तक केवल दो इस्तीफे ही मंजूर किए गए हैं। जिसमें अनीता अग्रिहोत्री उद्दैपुर परमकुटी और करन सिंह चौराईपुर शामिल हैं।
राशन वितरण के लिए कोटा डीलरों को शासन से मानदेय दिया जाता है। लेकिन ये अल्प होने के चलते ही डीलरों के लिए मुश्किल होती है। दरअसल उन्हें वितरण पर 70 रुपये प्रति क्विंटल का ही भुगतान किया जाता है। इसके चलते अब राशन डीलर दुकानों का संचालन नहीं करना चाहते हैं।
राशन डीलर इस्तीफा दे रहे हैं। लेकिन अकारण कोई भी इस्तीफा मंजूर नहीं किया जाएगा। सभी डीलरों को नियमानुसार राशन वितरण करने के आदेश भी दिए गए हैं।
यूआर खान, जिला पूर्ति अधिकारी।