कासगंज के सोरों में शहीद राजीव सिंह शेखावत की अस्थि विसर्जन की पूजा करते भाई संजय सिंह
- फोटो : KASGANJ
सोरों (कासगंज)। तीर्थनगरी की पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग स्थित पहाड़पुर कटरा की राजस्व भूमि पर ऋणमोचन मोतियाथल धार्मिक स्थान है। इसे हंसतीर्थ के नाम से भी जानते हैं। यहां हो रहे खनन को रोककर संरक्षित किए जाने की मांग की जा रही है।
लोगों का कहना है कि मोतियाथल पर प्रतिदिन खनन माफिया द्वारा ट्रैक्टर-ट्रालियों व बैलगाड़ियों से अवैध रूप से कई वर्षों से बालू का खनन किया जा रहा है। जिससे मोतियाथल में कई जगह गहरे गड्डे व जमीन में असमानता आ गई है। इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रहीं हैं। सभासद अमित मिश्रा एवं मुकेश कटारे ने जिलाधिकारी को शिकायत भेजी है। उनका कहना है कि अवैध पट्टेदारों की शह पर काफी समय से अवैध खनन कराया जा रहा है। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अवैध खनन रोककर मोतियाथल को संरक्षित करते हुए तपोवन के रूप में विकसित किया जाए।
मोतियाथल का है पौराणिक महत्व
तीर्थनगरी में विलुप्तप्राय हो चुके मोतियाथल का स्कंद पुराण व वराह पुराण में वर्णन दिया गया है। पंडित चक्रधर शास्त्री के अनुसार शूकर क्षेत्र महात्मय में मोतियाथल को हंसतीर्थ की संज्ञा दी गई है। जिसका अस्तित्व एक रमणीक झील के रूप में रहा है। वैशाख शुक्ल पक्ष की द्वादशी को रात के तीसरे प्रहर में त्रिदेव व ऋषि मुनियों के इसमें स्नान करने का उल्लेख है। वर्तमान में यह झील उपेक्षा के चलते व खनन माफिया की नजर पड़ने के कारण अस्तित्वहीन हो चुकी है।