दुष्कर्म के दोषी को 15 साल की सजा
स्पेशल जज ईसी एक्ट के न्यायालय में चला मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना करहल क्षेत्र के एक गांव में दो साल पहले घर में अकेली युवती के साथ दुष्कर्म करने तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने वाले को स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह ने 15 साल की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना करहल क्षेत्र के एक गांव की रहने वली एक युवती 28 नवंबर 2021 को दोपहर दो बजे घर में अकेली थी। उसके पिता खेत पर गए हुए थे। तभी गांव का आनंद उसकेे घर में घुस गया। युवती को दबोचकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच युवती का पिता घर आ गया तो आनंद घर से भाग गया। युवती के पिता ने थाना करहल में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने युवती का मेडिकल कराया। आनंद को जेल भेजने के बाद मुकदमे की सुनवाई के लिए चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट मीता सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, युवती सहित गवाहों ने दुष्कर्मी केे खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर आनंद को दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान और विश्वजीत राठौर ने दुष्कर्मी को कड़ी सजा देने की दलील दी। स्पेशल जज मीता सिंह ने दुष्कर्मी को 15 साल की सजा सुनाकर उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
आनंद को पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
पीड़िता की गवाही पर हुई सजा
पीड़िता ने अदालत में आरोपी आनंद की पहचान की। उसने गवाही में बताया कि वह घर में अकेली थी। उसके पिता खेत पर गए थे। गांव का रहने वाला आनंद उसकेे घर में घुस आया। उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच पिता के घर आ जाने पर आनंद घर से भाग गया। घटना के बाद से वह लगातार मानसिक तनाव में रही है।