आगरा में दुष्कर्म के आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी की अनुमति के लिए लिखा गया पत्र गायब हो गया है। इस कारण उसे निलंबित भी नहीं किया गया है। पीड़ित महिला डरी हुई है कि आरोपी कहीं उसे या उसके पति को किसी मामले में फंसा न दे।
स्वतंत्र कुमार नाम का दरोगा मैनपुरी में तैनात है। थाना बाह में उसके खिलाफ महिला को धमकी देने और बंधक बनाने का केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसमें कोई एक्शन नहीं लिया। कह दिया कि पहले महिला का मजिस्ट्रेटी बयान होगा।
महिला ने बयान दर्ज करा दिया। इसमें उसने यौन शोषण की बात भी कही। आरोप है कि दरोगा ने ड्यूटी पर होते हुए बाह आकर महिला से दुष्कर्म किया था। पीड़िता के बयान पर मुकदमा दुष्कर्म की धारा में तरमीम कर दिया गया।
पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार
इसके तुरंत बाद उसकी गिरफ्तारी हो सकती थी लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। उसकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट भी नहीं मांगे। एसपी मैनपुरी को खत लिख दिया कि उसकी गिरफ्तारी की अनुमति दी जाए।
तर्क दिया गया कि आरोपी सरकारी कर्मचारी है, उसकी गिरफ्तारी विभागाध्यक्ष की अनुमति के बगैर नहीं की जा सकती है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह पत्र एक महीने पहले सीओ बाह सत्यम कुमार ने लिखा था। इसके बाद यह मैनपुरी भेजा गया या नहीं, कुछ कहा नहीं जा सकता है?
मैनपुरी के एसपी अजय शंकर राय का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है। सवाल यह है कि पत्र कहां गायब हो गया? दरोगा के खिलाफ रेप का केस दर्ज होने की सूचना भी मैनपुरी पुलिस को नहीं दी गई। इस कारण उसे निलंबित भी नहीं किया गया।
मुकदमे के बाद से गैर हाजिर है दरोगा
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुष्कर्म का केस दर्ज हो जाने के बाद से दरोगा स्वतंत्र कुमार गैर हाजिर है। उसकी गैर हाजिरी पर विभागीय कार्रवाई चल रही है। वहीं इस मामले में दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास है।
सीओ बाह सत्यम कुमार का कहना है कि महिला के मजिस्ट्रेटी बयान के आधार पर दरोगा स्वतंत्र कुमार के खिलाफ दर्ज केस को दुष्कर्म की धारा में तरमीम कर दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी की अनुमति के लिए एसपी मैनपुरी को खत लिखा गया है।
इस संबंध में मैनपुरी के एसपी अजय शंकर राय ने बताया कि दरोगा के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज हुआ है, ऐसी कोई जानकारी बाह पुलिस से नहीं मिली है। आरोपी की गिरफ्तारी की अनुमति के लिए कोई पत्र भी नहीं प्राप्त हुआ है।