आगरा के पीएमश्री कंपोजिट बल्हैरा, अकोला में कार्यरत शिक्षिका रानी चाहर ने बताया कि वह 2016 से शिक्षण क्षेत्र में हैं। 2021 में उनके स्कूल के छह बच्चे नेशनल मींस कम मेरिट स्कॉलरशिप (एनएमएमएस) में चयनित हुए। इसके बाद 2022-23 में 8-8 और 2024 में 10 बच्चों के चयन हुए। उनकी ख्वाहिश है कि हर मेधावी बच्चे को बेहतर शिक्षा मिले। ग्रामीण क्षेत्र में होने के बावजूद उनके स्कूल के बच्चे पब्लिक स्कूल के बच्चों की तरह अंग्रेजी बोलते हैं।
वहीं श्रेष्ठा योजना में भी विगत वर्ष उनके स्कूल के तीन बच्चे चयनित हुए। बताती हैं कि इनमें से दो का चयन डीपीएस भरतपुर और एक का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए किया गया। 2024 में ही विप्रो अर्थियन पुरस्कार के लिए उनके स्कूल का चयन किया गया जिसमें स्कूल के बच्चे हवाई जहाज से पुरस्कार लेने बंगलूरू गए थे।
यह उनके लिए किसी ख्वाब सरीखा था। रानी के बच्चों के इस बेहतरीन प्रदर्शन के पीछे उनकी कड़ी मेहनत है। बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप से बच्चों को जोड़ रखा है। जिसमें उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। सैंपल पेपर आदि के माध्यम से उन्हें प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार करती हैं।
वह जनपद स्तर पर इंग्लिश की मास्टर ट्रेनर भी हैं। लिहाजा अपनी इस विधा का प्रयोग भी वह बच्चों के उन्नयन में कर रही हैं। उनके स्कूल के बच्चे किसी शहरी स्कूल के बच्चों की तरह अंग्रेजी में छोटे-छोटे वाक्यों के माध्यम से बात करने लगे हैं। रानी के स्नेह के चलते स्कूल में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चे भी नियमित स्कूल आते हैं।
उपलब्धियां
- राष्ट्रीय विप्रो अर्थियन अवार्ड 2024
- शक्ति योद्धा अवार्ड 2021, पर्यावरण मित्र पुरस्कार 2022
- इंटरनेशनल एजुकेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम जापान 2022