इसलिए बढ़ा करणी सेना का दुस्साहस
समाजवादी पार्टी के सांसद के आवास पर हमले और तोड़फोड़ के समय अधिकांश पुलिस अफसर की ड्यूटी दरियानाथ मंदिर और जीआईसी मैदान पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में लगी हुई थी। अन्य अधिकारी मुख्यमंत्री के रवानगी वाले रूट से लेकर खेरिया हवाई अड्डे तक तैनात थे। दोपहर 1:30 बजे हमला किया गया। इस दौरान चंद पुलिसकर्मी कार्यकर्ताओं को रोकने की जद्दोजहद तो करते रहे मगर बल प्रयोग करने की जहमत नहीं उठाई। यही कारण था कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं का दुस्साहस बढ़ गया। कई पुलिसकर्मियों के चोटिल होने के बाद भी पुलिस लगभग तमाशबीन बनी रही।
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पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे
हमले के बाद जब काफी संख्या में सपा नेता, कार्यकर्ता सांसद के आवास पर पहुंच गए। आक्रोश व्यक्त करने लगे तब भी कोई पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचा। आखिरकार शाम 4 बजे सपा के महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता थाना हरीपर्वत पहुंचे और हमलावरों के विरुद्ध तहरीर दी। यहां कुछ देर बाद ही एडिशनल सीपी संजीव त्यागी भी पहुंचे लेकिन घटनास्थल का निरीक्षण करने नहीं गए। सपा पदाधिकारियों ने कमिश्नरेट पुलिस का रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। सपा नेता अवनींद्र यादव ने कहा कि सांसद के घर में परिजन दहशत में हैं। दो दिन से धमकियां दी जा रही थीं। हमला होने के बाद भी कोई अफसर परिवारीजन को दिलासा देने नहीं पहुंचा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।