एससी आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया का स्वागत करते लोग
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अलीगढ़ मुसलिम यूनीवर्सिटी (एएमयू) में दलित और पिछड़ों को आरक्षण देने की मांग उठाने पर एससी आयोग के अध्यक्ष एवं सांसद रामशंकर कठेरिया का रविवार को नागरिक अभिनंदन किया गया।
सूरसदन में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान नहीं है। हिंदुस्तान है और यहां हमारा संविधान चलेगा। एएमयू को आरक्षण देना होगा, अन्यथा विश्वविद्यालय को मिलने वाली करीब 7000 करोड़ रुपये वार्षिक की आर्थिक मदद रुकवा देंगे।
भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया ने कहा कि एएमयू में हिंदू दलित और पिछड़ों को आरक्षण दिया गया होता तो आज लाखों बच्चे पढ़ लिखकर सरकारी सर्विस में होते।
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने संविधान में दलितों के अधिकारों को सुरक्षित रखा था, लेकिन बाबा साहब के नाम पर राजनीति करने वाली मायावती ने कुछ नहीं किया। यदि वो अपने शासनकाल में दलितों और पिछड़ों के आरक्षण के लिए कदम उठा देती तो आज हमें इसकी जरूरत नहीं पड़ती।
विरोधी दलों पर निशाना
कठेरिया ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस सभी तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। अगर हिंदुस्तान में हिंदू बच्चों को पढ़ाई में आरक्षण में नहीं मिलेगा तो क्या पाकिस्तान में मिलेगा? उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी लिखा जा रहा है, जबकि यह केंद्रीय विश्वविद्यालय है।
जरूरतमंदों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देने के साथ उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं। इनमें उन्होंने फ्लाईओवर, पासपोर्ट कार्यालय, गंगाजल, एयरपोर्ट और बैराज की योजना का जिक्र किया।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में रामशंकर कठेरिया व अन्य लोग
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कार्यक्रम में महापौर नवीन जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल, विधायक डा. जीएस धर्मेश, हेमलता दिवाकर, जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया, प्रमोद गुप्ता, डा. भगवानदास दक्ष, जेपी धनगर, डा. रामबाबू हरित, कमल वाल्मीकि, चंद्र प्रकाश सोनी, मनीष गौतम, ओम प्रकाश सागर आदि ने विचार रखे।
महानगर संगठन नहीं हुआ शामिल
कार्यक्रम से शहर का संगठन दूर रहा। महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे नहीं पहुंचे। विधायक जगन गर्ग और योगेंद्र उपाध्याय भी नहीं आए। जिलाध्यक्ष श्याम भदौरिया ने पहुंचकर जिला संगठन का प्रतिनिधित्व किया। सांसद के विरोधी इस अभिनंदन कार्यक्रम को उनका शक्ति प्रदर्शन मान रहे हैं।