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कोरोना से निजात की दुआ: रोजे से सीखा नियम का पालन, कोरोना को हराएंगे, सुनिए क्या कहते हैं नन्हे रोजेदार

Wed, 05 May 2021 02:38 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

नियम और संयम के साथ घरों में रहकर न केवल रोजेदारी कर रहे हैं, बल्कि कोविड नियमों का पालन कर कोरोना को हराने का संदेश भी दे रहे हैं। कोरोना से निजात दिलाने को दुआएं मांग रहे हैं। 
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रमजान 2021: कोरोना से निजात के लिए दुआ करते हैं नन्हे रोजेदार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माह-ए-रमजान में तमाम नन्हे रोजेदार रोजा रखने के साथ बड़ों को सीख भी दे रहे हैं। वे नियम और संयम के साथ घरों में रहकर न केवल रोजेदारी कर रहे हैं, बल्कि कोविड नियमों का पालन कर कोरोना को हराने का संदेश भी दे रहे हैं। कोरोना से निजात दिलाने को दुआएं मांग रहे हैं। 
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कोरोना से निजात की मांगते हैं दुआ
पहली बार रोजा रखा है। रोजे में सच्चे मन से की जाने वालीं दुआएं कुबूल फरमाई जाती हैं। सो रोजाना नियम से रोजा रखते हैं। कोरोना से निजात की दुआ मांगते हैं। अल्लाह जल्द इस बीमारी से निजात दिलाएगा। -मरियम बख्शी, मंटोला

नियम से रह रहे, ताकि बीमारी मिटे
रोजा रखकर सभी बीमारों के ठीक होने की दुआ करता हूं। सुबह सहरी के लिए जगाया जाता है। इसके बाद नमाज पढ़ता हूं। पूरे दिन इबादत में गुजर आता है। घरों में रहकर नियम का पालन कर रहे हैं, ताकि यह बीमारी खत्म हो सके। -हुजैफ सिद्दीकी, ईदगाह
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घर में रहकर कर रहे इबादत
घर में रहकर इबादत कर रही हूं, रोजे भी रख रही हूं, अल्लाह से यही दुआ करती हूं कि ये बीमारी जल्द खत्म हो और सभी लोग साथ खैरियत के रहें। दुआ है कि जल्द कोरोना खत्म हो और स्कूल खुलें, पढ़ाई फिर से शुरू हो सके। - एनी, कोठी मीना बाजार

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नियमों-संयम का पालन की रोजा
10 साल का हूं, पहली बार रोजा रखा है। कोरोना की वजह से बाहर नहीं जाता। नियम और संयम के साथ रहना ही रोजेदारी है। हम सुबह दुआ करते हैं। शाम को कुरान शरीफ पढ़ते हैं। दुआ करते हैं जल्द इस बीमार से छुटकारा मिले। - अनस ठेकेदार, मंटोला

सबकी हिफाजत की दुआ कर रहे
बड़ों को रोजाना इबादत करते देखा तो मैंने भी रोजेदारी शुरू कर दी। स्कूल बंद हैं। घरों में रहकर रोजेदारी करनी है। ऐसे माहौल में जब बीमारी चारों तरफ फैली है, सभी की हिफाजत के दुआ मांगता हूं। -मोहम्मद शोएब, शाहगंज

अब घर से बाहर नहीं जाता
मस्जिद में इबादत पर रोक है। घर में रहकर ही नमाज पढ़ते हैं। पहले रोजा खोलने के बाद शाम को बाहर जाता था, लेकिन अब घर से बाहर नहीं निकल रहा हूं। कोरोना से निजात की दुआ रोजाना करता हूं। - मोहम्मद फैजान, शाहगंज
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