रामेश्वर सिंह यादव को पुलिस आगरा से गिरफ्तार कर चुकी है, जो जेल में निरुद्ध हैं। जबकि जुगेंद्र सिंह यादव को उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर स्टे मिला हुआ है। प्रशासन और पुलिस का शिकंजा लगातार कसता ही जा रहा है। उनके समर्थकों में मायूसी और हताशा है। सोमवार शाम को प्रो. रामगोपाल लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले। इस दौरान एटा के दोनों नेताओं की चर्चा भी हुई।
सपा नेता रामगोपाल यादव ने रामेश्वर, जुगेंद्र और उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा यादव सहित उनके सभी परिवारीजन पर लगाए गए मुकदमों को झूठा बताया। सीबीआई या एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। खास बात यह है कि एटा प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को उत्पीड़नात्मक बताते हुए जांच रोकने की भी मांग की गई है।
सोशल मीडिया पर पत्र वायरल
सोशल मीडिया पर प्रो. रामगोपाल के लैटर पेड और हस्ताक्षर का एक पत्र भी मंगलवार को वायरल हुआ है। इसमें यह भी लिखा गया है कि एटा के डीएम और एसएसपी के निर्देशन में पुलिस पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह को किसी न किसी तरह गिरफ्तार करने पर आमादा है। ऐसी आशंका है कि उनसे व्यक्तिगत रंजिश मानने वाले कुछ लोगों के इशारे पर एटा पुलिस जुगेंद्र सिंह की हत्या करा सकती है।