रक्षाबंधन का पर्व सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 11 और 12 अगस्त दोनों दिन है। हालांकि पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त से शुरू हो जाएगी, लेकिन राखी बांधने के लिए 12 अगस्त का दिन शुभ माना जा रहा है। ताजनगरी आगरा के ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि 11 अगस्त को भद्रा है। वहीं पूर्णिमा की उदया तिथि 12 अगस्त को है, इसलिए इस दिन ही राखी बांधना शुभ है।
रक्षाबंधन पर बहनें इस तरह बांधे राखी
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि राखी बांधते समय बहनें रंगोली बनाएं या फिर चौक बना लें। इसके बाद अपने भाई को पूर्व दिशा की ओर मुख करके बिठाएं और खुद उत्तर मुख होकर बैठें। भाई को तिलक करें, चावल लगाएं और फिर गायत्री मंत्र बोलते हुए राखी बांधें। इसके बाद भाई को मिष्ठान खिलाकर आरती करें।
ना करें ये गलती
1- दक्षिण दिशा की ओर ना हो भाई का मुख।
2- सिंदूर से ना करें भाई का तिलक। रोली या चंदन का करें प्रयोग।
3- अक्षत लगाते समय ध्यान रखें, चावल के दाने टूटे हुए ना हों।
4- आरती करने के लिए जिस दीपक का इस्तेमाल किया जाता है, वह टूटा फूटा नहीं होना चाहिए।
इस दिन बांधे राखी, इस समय का रखें ध्यान
11 अगस्त बृहस्पतिवार में चौदस प्रात: 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। उसी समय भद्रा प्रारंभ हो जाएगी, जो कि रात्रि 8 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। भद्राकाल में रक्षाबंधन वर्जित है। इसलिए रक्षाबंधन का पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा। उधर, वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भी राखी का पर्व पूर्णिमा 12 अगस्त को मनाया जाएगा। 12 अगस्त को सुबह 10.30 बजे से 12 बजे तक राखी न बांधें, क्योंकि ये समय राहुकाल का है।
राखी के पर्व पर बाजार हुए गुलजार
रक्षाबंधन के त्योहार के लिए आगरा-मथुरा के बाजार गुलजार हो गए हैं। बाजार में तरह-तरह की राखियां मौजूद हैं, लेकिन इस बार खासतौर पर योगी-मोदी और बुलडोजर राखी का क्रेज देखा जा रहा है। राखी के अलावा कपड़ों और गिफ्ट की दुकानें भी सज गई हैं। साड़ी व सूट की दुकानों पर महिलाएं खरीदारी कर रही हैं।