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रक्षाबंधन का बाजार: कैमरा, इविल आई और मीनाकारी वाली राखियां बनीं पहली पसंद, नगर निगम में मिल रही गोबर की राखी

Tue, 25 Aug 2026 10:24 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

रक्षाबंधन से पहले आगरा के बाजारों में राखी खरीदने वालों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार कैमरा, इविल आई, मीनाकारी, कुंदन और भाई-भाभी कॉम्बो वाली राखियां लोगों को खास पसंद आ रही हैं। परंपरागत राखियों के साथ पर्यावरण अनुकूल गोबर से बनी तुलसी बीज वाली राखी भी उपलब्ध है। 40 रुपये की इस राखी की बिक्री से होने वाली आय गायों के कल्याण में खर्च की जाएगी।
 
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रक्षाबंधन का बाजार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजारों में रौनक नजर आने लगी है। रविवार को शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी करने वालों की भीड़ देखने को मिली। इस बार बाजारों में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। बच्चों के लिए जहां खिलौनों, कार्टून कैरेक्टर वाली स्पेशल राखियां हैं तो भाइयों को बुरी नजर से बचाने के लिए इविल आई।
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राजामंडी में राखी का व्यापार कर रहे संजय जैसवानी बताते हैं कि त्योहारी सीजन की तैयारी महीने भर पहले ही शुरू हो जाती है। दिल्ली, अलवर, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों से बेहतरीन डिजाइन मंगवाए जाते हैं। बाजार में 15 रुपये की शुरुआती कीमत से राखी उपलब्ध हैं। 250-300 रुपये वाले कॉम्बो सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं, इसमें भाई के लिए राखी के साथ प्यारी भाभी के लिए मैचिंग लुंबा भी साथ है। महिलाओं के लिए 20 से 100 तक के मैचिंग कड़े और ब्रेसलेट राखियां भी मांग में हैं। मीनाकारी, कुंदन, बीड्स के साथ भाई-भाभी की राखी का कॉम्बो की भी खूब खरीदारी की जा रही है। वहीं कुछ बहनों ने भाइयों के लिए चांदी और सोने की राखी भी खरीदी है। 

सिर्फ धागा नहीं, प्यार का है बंधन
बिचपुरी निवासी दिव्या शर्मा ने बताया कि इस बार वैरायटी बहुत खूबसूरत है। छोटे भतीजे के लिए कैमरे वाली राखी ली है जिसमें फोटो दिखती है, वह बहुत खुश होगा। वहीं भाई के लिए इविल आई और मीनाकारी वाली ब्रेसलेट राखी चुनी है।
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बहन नहीं, भाई के लिए खरीदी राखी
आवास विकास निवासी कृष्ण अग्रवाल का कहना है कि मेरी कोई सगी बहन नहीं है, लेकिन मैं हर साल अपने बड़े भाई को राखी बांधता हूं। हमारे लिए यह दिन एक-दूसरे का साथ देने और रक्षा करने के संकल्प का है।


गोबर से बनी राखी से सजेगी भाई की कलाई
नगर निगम की गोशाला से निकलने वाले गोबर से सीड बॉल्स, हवन सामग्री, धूपबत्ती और बंधनवार जैसे उत्पादों के बाद राखी भी तैयार की गई है। नगर निगम ने लव यू जिंदगी फाउंडेशन के साथ मिलकर गाय के गोबर से बनी राखियों को तैयार कराकर निगम कार्यालय स्थित स्टॉल पर दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक बिक्री शुरू की है।

अवकाश के दिन भी रक्षाबंधन तक यह राखियां स्टॉल पर उपलब्ध रहेंगी। इन्हें 40 रुपये में खरीदा जा सकता है। पशु कल्याण अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि कान्हा गोशाला से गोबर लेकर राखियों को बनवाया गया है। वेस्ट मैनेजमेंट के साथ गोवंश उत्पादों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस राखी में तुलसी का बीज रखा गया। त्योहार के उपरांत राखी को फेंकने की जगह उसे गमले में डाल देने पर तुलसी का पौधा तैयार हो जाएगा। राखी की बिक्री से जो आय होगी उसे गायों के कल्याण में प्रयोग किया जाएगा। 
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