शिक्षक बोले, राकेश से प्रेरणा लें आज की पीढ़ी के छात्र
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सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक बने आईपीएस राकेश अस्थाना की इस शानदार कामयाबी ने आगरा के सेंट जोंस कॉलेज का मान भी बढ़ाया है। उन्होंने इसी महाविद्यालय से बीए और एमए इतिहास की पढ़ाई की। उन्हें पढ़ाने वाले प्रोफेसर उनकी इस सफलता से गदगद हैं। उनका कहना है कि आज की पीढ़ी केछात्रों को राकेश अस्थाना से प्रेरणा लेनी चाहिए।
उन्होंने सेंट जोंस कॉलेज में 1978 में बीए में दाखिला लिया। उन्हें प्रोफेसर अमित मुखर्जी ने लगातार चार साल इतिहास पढ़ाया। राकेश अस्थाना का नाम सुनते ही उनकी आंखों में चमक आ जाती है। यादों की पोटली खोलते हैं तो कई किस्से निकल पड़ते हैं। एक एक कर बताते हैं, राकेश लॉयड हॉस्टल में रहते थे। उनमें गजब की टीम भावना थी, अपने साथियों के लीडर थे, नेतृत्व क्षमता भी अद्भुत थी। जो भी उनसे एक बार मिलता, उनका हो जाता।
पढ़ाई के बारे में बताते हैं, वे शुरू से मेधावी रहे। उन्होंने 1980 में फर्स्ट डिवीजन में बीए किया। 1982 में इतिहास में एमए किया। इसमें गोल्ड मेडल मिला। सभी प्रोफेसर का बहुत सम्मान करते थे, और आज भी सभी को याद रखते हैं, सभी का आदर करते हैं। न्यू आगरा में रहने वाले उनके दोस्त राधेश्याम अस्थाना का कहना है कि राकेश अस्थाना की कामयाबी सेंट जोंस कॉलेज के लिए गर्व की बात है। उन्होंने 1982 में एमए करने केबाद रांची के एक कॉलेज में दो साल असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में पढ़ाया। इसके बाद 1984 में आईपीएस बन गए।
कॉलेज की बदौलत ही पाया है मुकाम
वे सेंट जोंस कॉलेज की एल्यूमिनी मीट में 2011 में आए थे। तब उन्होंने कहा था, आज जिस मुकाम पर पहुंचा हूं, सब इस कॉलेज और यहां के समर्पित प्रोफेसरों की बदौलत है। वह आगरा के लोगों के लगातार संपर्क में रहते हैं।