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155 फेल, आठ की हालत बिगड़ी

Sat, 09 Apr 2016 01:08 AM IST
अमर उजाला आगरा
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पुल‌िस भ्‍ारती दाौड़ - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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 पुलिस लाइन में चल रही महिला आरक्षी भर्ती के दूसरे दिन शुक्रवार को एक हजार अभ्यर्थियों में से 163 गैरहाजिर रहीं, जबकि दौड़ के लिए पहुंची 837 अभ्यर्थियों में से 682 पास हुईं। तीन अभ्यर्थियों ने न्यूनतम 11 मिनट में ही दौड़ पूरी करके 200 अंक  प्राप्त किए। बाकी 155 फेल हो गईं। अलग-अलग राउंड में आठ की हालत बिगड़ गई। हालांकि मेडिकल सुविधा मिलने के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ। फिजिकल टेस्ट में आगरा के अलावा आसपास के जिलों से अभ्यर्थी पहुंचीं। सुबह छह बजे शुरू हुई दौड़ के चार राउंड में 200-200 (कुल 800) अभ्यर्थी दौड़ीं, जबकि पांचवें में 37 ने दौड़ लगाई।
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परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए बनना चाहती हैं सिपाही
शिकोहाबाद निवासी मजदूर रामब्रेश सिंह की बेटी संजेश ने परिवार का सहारा बनने के लिए फार्म भरा। कुछ दिन पहले ही टेस्ट का पता चलने के कारण केवल छह दिन ही दौड़ की तैयारी कर पाईं।
 
वहीं लखनपुर, सिकंदरा की पूनम भी परिवार की जिम्मेदारी उठाना चाहती हैं। उनके तीन बच्चे हैं।
जसराना के गांव मोंगरा निवासी मजदूरी करने वाले पिता की बेटी सीमा परिवार का सहारा बनना चाहती हैं, जिससे बेटियों को बोझ न समझा जाए।
फीरोजाबाद की प्रगति चौहान की जून 2015 में ही शादी हुई है। पति निजी कंपनी मेें कार्यरत हैं। नाना और पापा पुलिस में हैं। परिवारीजनों के कहने पर उन्होंने फार्म भरा।
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‘मुझे बेटी पर नाज है’ (फोटो : फोल्डर में सिपाही भर्ती के नाम से देंगे)
फीरोजाबाद के नगला उदी निवासी राजेंद्र सिंह की बेटी विजय लक्ष्मी ने 11 मिनट 12 सेकंड में दौड़ पूरी करके 196 नंबर प्राप्त किए। खुशी से पिता ने कहा कि मुझे बेटी पर नाज है। आज बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। तीन बहनों मेें सबसे बड़ी विजयलक्ष्मी का कहना है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करेंगी।
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आज आएंगी 1200 अभ्यर्थी
भर्ती के पहले दिन 800, जबकि दूसरे दिन 1000 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। शनिवार को 1200 को बुलाया गया है।

पेड़ के नीचे बैठे रहे परिवारीजन
अभ्यर्थियों के परिवारीजनों के बैठने के लिए पुलिस लाइन में कोई व्यवस्था नहीं है। वे लोग तहसील रोड के फुटपाथ पर लगे पेड़ों के नीचे बैठे रहे।
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