श्रीकृष्ण जन्मस्थान और पास में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर एटा के राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मुस्लिम समाज दिल बड़ा करे और श्रीकृष्ण जन्मस्थान की जमीन को हिंदू समाज को सौंप दे। यह भी कहा है कि विदेशी आक्रांताओं ने पूर्व में मंदिर को ध्वस्त कर यहां पर मस्जिद बनाई थी। कुरान के अनुसार जबरन कब्जा कर बनाई गई मस्जिद में की गई इबादत स्वीकार नहीं की जाती है। वह अपने धर्म की बात ही मानकर सकारात्मक निर्णय लें।
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रविवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने हिंदू आस्था पर ठेस पहुंचाने के लिए हजारों मंदिर ध्वस्त किए थे। इनमें अयोध्या का श्रीराम मंदिर और मथुरा का श्रीकृष्ण मंदिर भी शामिल था। सुनियोजित तरीके से यह पूरा काम किया गया, जिससे भारत का इतिहास और भूगोल बदल दिया जाए और हिंदू अपनी परंपराए व आस्था भूल जाएं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि: तीन बार टूटा और चार बार बनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर, यह है इतिहास
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण भारत में ही नहीं, विदेशों में तक आदर्श माने जाते हैं। मथुरा में उनकी जन्मभूमि पर मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। लंबे समय से मामला विवादित रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान को मुक्त होना चाहिए। मुस्लिम भाइयों को बहुसंख्यकों की भावनाओं का सम्मान कर इस जमीन को सौंपकर विवाद का निपटारा करना चाहिए।
यह है विवाद
श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ जमीन विवाद को लेकर मथुरा की अदालत में केस दर्ज है। इस पर सुनवाई चल रही है। एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंहकी ओर से दर्ज कराए केस में 13.37 एकड़ जमीन को लेकर वर्ष 1967 में हुए समझौते और उसके बाद की गई डिक्री (न्यायिक निर्णय) गलत बताते हुए निरस्त करने की मांग है। यह भी दावा किया गया है कि शाही ईदगाह मस्जिद मंदिर तोड़कर जन्मभूमि की जमीन पर भी बनाई गई है।