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राजू हत्याकांड: थाने में हुई बर्बरता...साढ़े छह साल बाद लगी चार्जशीट, इंस्पेक्टर सहित 17 पुलिसकर्मी फंसे

Mon, 21 Apr 2025 09:30 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में छह साल पहले थाना सिकंदरा में राजू गुप्ता की पुलिस की थर्ड डिग्री से मौत हो गई।  मामले की जांच कर रही सीआईडी ने चार्जशीट लगा दी है। तत्कालीन इंस्पेक्टर, दो एसआई, चार एचसीपी सहित 17 पुलिसकर्मियों को अवैध हिरासत और गैर इरादतन हत्या का दोषी माना गया है।
 
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राजू हत्याकांड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के थाना सिकंदरा पुलिस की हिरासत में वर्ष 2018 में पिटाई से राजू गुप्ता की मौत के मामले में सीआईडी ने साढ़े छह साल बाद चार्जशीट लगाकर शासन को फाइल भेजी है। विवेचना में सिकंदरा थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर, दो एसआई, चार एचसीपी सहित 17 पुलिसकर्मियों को अवैध हिरासत और गैर इरादतन हत्या का दोषी माना गया है।
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घटना 22 नवंबर 2018 की है। गैलाना, सिकंदरा की रेनू गुप्ता के बेटे राजू गुप्ता पर पड़ोसी अंशुल प्रताप ने घर से आभूषण के बैग चोरी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद राजू को घर में बंधक बनाकर पीटा गया था। इस दौैरान कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

 

अंशुल की शिकायत पर सिकंदरा थाने की पुलिस ने 21 नवंबर 2018 को राजू को हिरासत में लिया। राजू को उसकी मां के सामने ही पुलिस ने बेरहमी से पीटा। मां रेनू ने पुलिस से गुहार लगाई थी कि बेटा चोरी नहीं कर सकता मगर पुलिस नहीं पसीजी। हवालात में दूसरे दिन राजू की तबीयत बिगड़ी। पुलिस उसे अस्पताल ले गई, तब तक मौत हो गई।

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हिरासत में मौत पर वैश्य समाज ने मोर्चा खोल दिया था। कई दिन बवाल हुआ। पोस्टमार्टम में राजू के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे। आंदोलन के बाद पुलिस ने अंशुल, पड़ोसी विवेक और अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या का केस लिखा था। विवेचना लोहामंडी थाने से कराई गई।

 

विवेचक ने अंशुल प्रताप, दरोगा अनुज सिरोही और विवेक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या में चार्जशीट लगाई थी। मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर मुकदमे की विवेचना सीआईडी को ट्रांसफर की गई थी। घटना के वक्त प्रभारी इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह पर प्रभार था।

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चार्जशीट में तत्कालीन इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह, दरोगा ज्ञानेंद्र शर्मा, दरोगा तेजवीर सिंह, मुख्य आरक्षी रामकिशन, देवेंद्र सिंह, राकेश कुमार, रंजीत, आरक्षी हरीशचंद्र, बृजेश कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांक कुमार, आरक्षी संजीव कुमार, राजेश, सतेंद्र सिंह, संजीव, अनिल कुमार, जोगेश कुमार और आरक्षी चालक संजय कुमार आरोपी बने हैं। एसपी सीआईडी राजेंद्र यादव ने बताया कि लोहामंडी पुलिस ने जिन तीन लोगों के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। वे भी मुकदमे में आरोपी हैं। अभियोजन की स्वीकृति शासन से मिलने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।



 
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