जीवन के 50 साल कैद और यातनाओं में बिताने वाले राजू हाथी ने शुक्रवार को अपनी आजादी का 11 वें साल का जश्न मनाया। राजू अब किसी का गुलाम नहीं बल्कि स्वतंत्र और मस्तमौला हाथी बन चुका है।
राजू हाथी उस समय पूरी दुनिया में चर्चा में आया जब उसे वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम ने 2014 में रेस्क्यू किया। जंजीरों से जकड़े और आंखों में आंसू लिए जब राजू की तस्वीर को लोगों ने देखा तो पूरी दुनिया के पशु प्रेमियों ने उसकी तकलीफ को महसूस किया। 50 साल तक यातनाएं झेलने के कारण शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो चुके राजू की उम्र फिलहाल 61 साल है।
विशेषज्ञ पशु चिकित्सा पर्यवेक्षण और समर्पित देखभाल के चलते वह स्वस्थ जीवन बिता रहा है। अब राजू जंजीरों में कैद नहीं बल्कि आजाद होकर सैर के लिए निकलता है। अपने पूल में ताजा पानी में डुबकी और खुले आसमान के नीचे धूल उड़ाना उसकी दिनचर्या का हिस्सा है। शुक्रवार को राजू के लिए एक शानदार फलों की दावत का आयोजन किया, जिसमें उसके पसंदीदा व्यंजन शामिल थे - रसीले तरबूज, खीरे और खजूर, जिन्हें उसने स्पष्ट रूप से प्रसन्नता के साथ खाया। एक स्वादिष्ट उपहार के रूप में, राजू के देखभाल करने वालों ने उसके लिए दलिया और चावल से बना विशेष केक भी तैयार किया और उसके ऊपर उसके पसंदीदा फल सजाए।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण सचिव, गीता शेषमणि, पशु चिकित्सा सेवाओं के उप निदेशक, डॉ. इलियाराजा ने बताया कि राजू अब शारीरिक और भावनात्मक दोनों रूप से स्वस्थ है। साल दर साल उसके शांत, आनंदमय जीवन को देखना बहुत संतुष्टिदायक है, जो भय और उपेक्षा से मुक्त है।