आगरा में बारिश ने जमकर कहर बरपाया। शहर से लेकर देहात तक 185 मकान गिर गए, जिसमें 120 पक्के और 65 कच्चे मकान शामिल हैं। एक युवक की मौत हुई है, वहीं चार लोग घायल हुए हैं।
आगरा में दो दिन की भारी बारिश मकानों पर कहर बनकर टूटी। जिले में 185 मकान बारिश के कारण गिर गए। इनमें से 120 पक्के और 65 कच्चे मकान हैं। इनके अलावा 3 झोपड़ियां और 7 पशुशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से गिरे मकानों के मलबे में दबकर एक की मौत हुई है जबकि चार लोग घायल हुए हैं। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी 6 तहसीलों में मकानों के गिरने का सर्वे कराया, जिसकी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
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डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने बताया कि जिले में 185 मकानों को क्षति पहुंची है। प्रशासन ने सहायता के लिए तहसील सदर, किरावली, एत्मादपुर, खेरागढ़, फतेहाबाद और बाह में सर्वे कराया, जिसके बाद 12.33 लाख रुपये की आर्थिक मदद लोगों के बैंक एकाउंट में भेजी गई है। मृतक आश्रित को चार लाख रुपये की सहायता दी गई है। बारिश से गिरे मकानों में एक जनहानि खेरागढ़ में हुई है। प्रशासन ने 16,33,500 रुपये की सहायता प्रदान की है।
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फसलों के नुकसान का भी सर्वे शुरू
डीएम ने बताया कि भारी बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। सभी 6 तहसीलों में लेखपालों को भेजा गया है। ब्योरा एकत्र करने में 3-4 दिन का समय लग सकता है। सर्वे रिपोर्ट के बाद किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाया जाएगा।
एत्मादपुर, फतेहाबाद में नुकसान ज्यादा
बारिश से एत्मादपुर और फतेहाबाद में मकान ज्यादा गिरे हैं। एत्मादपुर में कुल 46 भवन गिरने की सूची दी गई है, जिनमें 22 कच्चे हैं। फतेहाबाद में 42 मकान गिरे हैं। सबसे ज्यादा आर्थिक सहायता भी फतेहाबाद में दी गई है। सदर तहसील में केवल दो पक्के मकान और एक कच्चा मकान गिरने की रिपोर्ट दी गई है, जबकि शहर में 8 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना थी। पुराने शहर में ब्रिटिश और मुगल काल के मकानों को नुकसान पहुंचा है।