सबसे गर्म दिन 2 दिसंबर 1987 31 डिग्री
सबसे सर्द रात 28 दिसंबर 1926 -0.6 डिग्री
सबसे ज्यादा बारिश 10 दिसंबर 1997 42.4 मिमी
दिसंबर महीने के पहले ही दिन मौसम ने अजब-गजब रंग दिखाए। मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे एकाएक बादल घिर आए और पल भर में ही अंधेरा छा गया। तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हुई। शहर में बारिश से कई जगहों पर जलभराव हुआ तो देहात में कुछ जगहों पर ओले पड़ने से आलू की फसल बिछ गई। आधे घंटे में ही 8.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मंगलवार सुबह बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। दिन में पारा 25 डिग्री दर्ज किया गया तो न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस पर रहा। यह सामान्य से सात डिग्री ऊपर है। शहर में 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं तो देहात में 60 किमी प्रति घ्ंाटे की रफ्तार भी पहुंची। सुबह की बारिश की वजह से पूरा दिन जनजीवन रहा। पुराने शहर में कीचड़ रही तो राम नगर पुलिया, अवधपुरी, सुभाष नगर में नालों की सिल्ट सड़क पर होने से फिसलन हो गई।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक, अगले दो दिनों में तापमान में कमी आने के आसार हैं। सुबह धुंध छाई रह सकती है, वहीं दिन में आसमान साफ रह सकता है। न्यूनतम तापमान में भी अब कमी की संभावना है।
देहात में बरसे ओले
शहर में बारिश हुई तो देहात में कई जगहों पर ओले गिरे। फतेहाबाद, बरहन में दोपहर में ओले बरसे। बाह के चित्राहाट में गांव चतुर्भुज पुरा में साधु सिंह और राजाबेटी के घर पर बिजली गिर गई। उस समय परिवार के सदस्य झुलस गए। राजाबेटी को सीएचसी बाह में भर्ती कराया गया। खोड़ गांव में बिजली गिरने से दलवीर सिंह झुलस गया, राम नरेश की भैंस मर गई और पेड़ झुलस गए। कस्बे में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया। बरहन के भी कई गांवों में बारिश के साथ ओले गिरे। पिनाहट के किसानों ने बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद बताया है। कागारौल के ग्राम दिघरौता से गढ़मुक्खा मार्ग पर जलभराव से लोग परेशान रहे।
आलू को होगा नुकसान
आगरा। आलू किसानों के लिए बारिश आफत भरी है। कृषि रक्षा अधिकारी यतेंद्र सिंह ने बताया कि अभी आलू की बुवाई है, बारिश से पपड़ी बन जाएगी। इससे अंकुरण में दिक्कत होगी। यही गेहूं के फसल के साथ भी है, 40 फीसदी बुवाई हो चुकी है, पपड़ी बनने से अंकुरण पर असर पड़ेगा। वहीं, जो गेहूं बोने की तैयारी में थे, उनको इंतजार करना पड़ेगा। सरसों की फसल के लिए बारिश ठीक है।