बारिश के बाद हुआ जलभराव स फंसी कार।
आगरा। नालों की सफाई 100 फीसदी होने के दावों की पोल मानसून की पहली बारिश ने खोल दी। सड़कों पर ऐसा जलभराव हुआ कि 12 घंटे तक पानी भरा रहा। राजपुर चुंगी से शमशाबाद रोड पर कहरई मोड़ तक सुबह 4 बजे बारिश के बाद शाम तक पानी भरा रहा। यहां एक फुट तक जलभराव हुआ। वहीं काजीपाड़ा, ट्रांसपोर्ट नगर, खेरिया मोड़ पर सांसद राजकुमार चाहर के घर के बाहर एक से डेढ़ फुट तक पानी भरा रहा, जिसे शाम को पंप की मदद से निकाला जा सका।
मानसून की बारिश में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा के दावे बह गए। शनिवार सुबह बारिश के बाद बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए अभिभावक निकले तो सड़कें पानी में डूबी मिलीं। सबसे ज्यादा परेशानी राजपुर चुंगी से शमशाबाद रोड पर दो किमी. क्षेत्र में हुई, जहां शाम तक पानी भरे रहने से क्षेत्र के तीन लाख से ज्यादा लोग परेशान हुए। सेंट मैरीज, सेंट एंड्रूज स्कूल समेत स्कूलों के बच्चे जलभराव से होकर निकले। इसी सड़क पर नालों के चोक होने पर एक माह पहले नाले में उतरकर लोगों ने प्रदर्शन किया था लेकिन सफाई फिर भी नहीं हुई। ट्रांसपोर्ट नगर में रात तक पानी भरा रहा।
पार्षद रवि माथुर ने कहा कि पहले से ही अंदेशा था। जिस तरह से फर्जीवाड़ा किया गया, उससे तय था कि पानी भरेगा ही। अब नगर आयुक्त जिम्मेदारी तय करें और अधिकारियों को निलंबित करें। पार्षद राकेश जैन ने जलभराव वाले क्षेत्रों के सेनेटरी इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सीएम ग्रिड की सड़क धंसी, फंसी कार
शनिवार सुबह की बारिश के बाद मारुति एस्टेट से कोठी मीना बाजार होते हुए सुभाष पार्क तक किए जा रहे सीएम ग्रिड के काम की पोल खुल गई। मानस नगर में ताज ट्रेपेजियम जोन अथॉरिटी के सदस्य पर्यावरणविद उमेश शर्मा के ऑफिस के सामने सड़क धंस गई, जिसमें कार फंस गई। चारों पहिये डक्ट के लिए की गई खुदाई में धंस गए, जिससे कार निकालना मुश्किल हो गया। मारुति एस्टेट चौराहे से मानस नगर के बीच चार स्कूटी, तीन मोटर साइकिलें और दो कारें भी फंसीं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से निकाल लिया गया।
बारिश के बाद हुआ जलभराव स फंसी कार।