बुधवार को तीन सदस्यीय समिति ने स्टेशन के अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और उसके बाद प्रत्यक्षदर्शियों व संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच के अगले चरण में आरोपी आरपीएफ कर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। टीम ने रेलवे का आधिकारिक रिकॉर्ड देखा। कैंट रेलवे स्टेशन पर कुल 215 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनका पूरा नियंत्रण आरपीएफ के पास है। इसमें चेन पुलिंग का कोई ब्योरा नहीं मिला।
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समिति इस बिंदु पर गंभीरता से जांच कर रही है कि महिला यात्री रंजीता से एक हजार रुपये कैसे वसूले गए। रविवार को हीराकुंड एक्सप्रेस को रोकने के लिए डीएसएस नरेंद्र सिंह चाहर ने निर्देश दिए थे। ऐसे में महिला यात्री पर चेन पुलिंग का मामला नहीं बनता। फिर भी एक हजार रुपये क्यों वसूले गए। टीम इसकी जांच कर रही है कि जुर्माने की रसीद क्यों नहीं दी गई। इस मामले में महिला यात्री और कोच में साथ बैठे लोगों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
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काली पट्टी बांधकर किया काम
उत्तर मध्य रेलवे के कर्मचारियों और स्टेशन प्रबंधकों ने काली पट्टी बांधकर इस घटना का विरोध जताया। रेलवे कर्मचारियों ने मारपीट के आरोपी आरपीएफ कर्मियों को बर्खास्त करने की मांग रखी। डीआरएम के मुताबिक जांच अंतिम चरण में है और दो दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। रेलवे कर्मचारियों ने भी कहा है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक वे काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। नरेंद्र सिंह चाहर के समर्थन में रेलवे के दो दर्जन से अधिक कर्मचारी संगठन खुलकर सामने आ गए हैं। एक्स सर्विस मैन एसोसिएशन ने भी बुधवार को आगरा कैंट स्टेशन जाकर समर्थन दिया।
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