गधापाड़ा रेल मालगोदाम की 9.0304 हेक्टेयर जमीन पर काटे गए पेड़ों पर रेल भूमि विकास प्राधिकरण ने अपना रुख बदल लिया है। अब तक प्राधिकरण के अधिकारी सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी और सुप्रीम कोर्ट में पेड़ों की कटाई होने से ही इंकार कर रहे थे, लेकिन अब कमेटी की आधी सिफारिशें मानने को तैयार हैं, लेकिन 9.0304 हेक्टेयर जमीन में से 2.30 हेक्टेयर जमीन पर सिटी फॉरेस्ट बनाने का विरोध किया है।
प्राधिकरण ने कोर्ट में दाखिल किए गए जवाब में कहा है कि पेड़ काटने के एवज में 1,150 पौधे प्रतिपूरक और 1,150 पौधे दंडात्मक प्रतिपूरक तहत लगा दिए जाएंगे, जिसका खर्च गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और गणपति लीजिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का कंसोर्टियम उठाएगा, लेकिन आरएलडीए को सिटी फॉरेस्ट पर आपत्ति है। उत्तर प्रदेश संरक्षित वन नियमावली के तहत यह प्रावधान गलत है।
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