आगरा में रेलवे के एक लोको पायलट को 1.90 करोड़ रुपये की जमीन दिखाकर 35 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित को बाद में पता चला कि जिस जमीन का सौदा कराया गया, उसका असली मालिक कोई और है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
आगरा के थाना सदर क्षेत्र में 1.90 करोड़ की जमीन के नाम पर रेलवे के लोको पायलट के साथ धोखाधड़ी की गई। एडवांस के रूप में 35 लाख रुपये ले लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो पुलिस आयुक्त से शिकायत की। मामले में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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मूलरूप से मनिया, धौलपुर निवासी राजवीर सिंह कुशवाह डिफेंस काॅलोनी, सदर बाजार में रहते हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल तक शिव विहार काॅलोनी, सेवला जाट में मुकेश त्यागी के मकान में किराए पर रह रहे थे। मकान के पास ही सेवला जाट निवासी रवि कुशवाह परचून की दुकान चलाता था। उससे जान पहचान हो गई। 20 जनवरी को रवि कुशवाह अपने पिता फाैरन सिंह और पूर्व प्रधान नवल सिंह चौधरी व एक अन्य के साथ आया।
उन्होंने मौजा गंगारौआ की खसरा संख्या 314 क्षेत्रफल 18 बिस्वा जमीन को दिखाया। जमीन का सौदा 1.90 करोड़ में कर लिया। एडवांस के ताैर पर 35 लाख रुपये दे दिए। पांच फरवरी को इकरारनामा करा लिया। कुछ दिन बाद वो परिवार के साथ जमीन देखने गए, तो वहां पर एक व्यक्ति मिला। उसने जमीन अपनी बताई और कहा कि नवल जमीन का मालिक नहीं है। इस बारे में आरोपियों से बात की तो वो धमकी देने लगे। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि मामले में साक्ष्य संकलन किया जाएगा। आरोपियों ने जिस जमीन को दिखाया था, उसके दस्तावेज खंगाले जाएंगे। यह भी देखा जाएगा कि असली मालिक कौन है। कोई गिरोह इस तरह से धोखाधड़ी कर रहा है तो कार्रवाई कराई जाएगी।
जमीनों के फर्जीवाड़े के पहले भी आए हैं मामले सामने
शहर में जमीनों के फर्जीवाड़े का यह पहला मामला नहीं है। पुलिस ने एक महीने पहले भी सदर क्षेत्र में एक गिरोह पकड़ा था। तब भी जमीन का फर्जी मालिक बनकर सौदा किया गया था। एक साल पहले भी पुलिस ने कार्रवाई की थी।