रेलवे लाइन के मरम्मत कार्य की वजह से बारह खंभा रेलवे फाटक से आवागमन बाधित है। जो दूरी महज पांच मिनट में तय हो जाती थी, उसके लिए अब दो किलोमीटर लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार रात 12 बजे तक यह समस्या बनी रहने की संभावना जताई गई है। ज्यादा परेशानी शाहगंज रूई की मंडी से खेरिया मोड़ की ओर आवागमन करने वालों को है।
बारहखंभा स्थित गेट नं 75 पर रेलवे का ट्रैक मेंटेनेंस कार्य चल रहा है। इसके लिए रेलवे ने 18 से 20 नवंबर रात 12 बजे तक मार्ग को राहगीरों के आवागमन के लिए बंद किया है। वाहनों के आवागमन के लिए खेरिया पुल से ईदगाह और नगला छऊआ होते हुए वैकल्पिक मार्ग बनाया है। मगर, लोग जानकारी के अभाव में रेलवे फाटक तक पहुंच जाते हैं। उन्हें वापस लौटकर पांच किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए दो किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा हैं।
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जाम से जूझना पड़ रहा
छात्र अधिराज ने बताया कि इसके साथ ही ईदगाह चौराहे पर वाहनों के दबाव से लगने वाले जाम में भी जूझना पड़ रहा है। मैं साइकिल से पढ़ने आता हूं। पंचकुइयां जीआईसी कॉलेज से बारहखंभा गेज होते हुए धनौली घर आराम से निकल जाता था। लेकिन रेलवे फाटक के बंद होने के कारण दो दिनों से बड़ी परेशानी हो रही हैं। ईदगाह चौराहा होकर निकलना पढ़ रहा है। पांच मिनट की दूरी के लिए अब करीब दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
घर लौटने में भी हो रही देरी
छात्र सागर ने बताया कि रेलवे फाटक के बंद होने की वजह से दो दिन से कॉलेज देरी से पहुंच पा रहा हूं। उधर घर लौटने में भी देरी हो जाती है। पहले बारहखंभा गेट से सीधे खेरिया मोड होते हुए कमाल खां घर पर निकल जाता था। लेकिन अब तो दो किलोमीटर के फेर से जाना पड़ रहा है। कॉलेज से लौटते समय ईदगाह चौराहे पर जाम से अलग जूझना पड़ता है।
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इन क्षेत्रों के लोग ज्यादा परेशान
रेलवे फाटक के बंद होने से अर्जुन नगर, खेरिया मोड़, कमाल खां, धनौली, बारहखंभा, रूई की मंडी और शाहगंज आदि के लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। उन्हें पास में छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई किलोमीटर की दूरी से जाना पड़ रहा है।