मैगी के बाद स्थानीय ब्रांड के नूडल्स बनाने वाली फैक्ट्रियों पर दूसरे दिन भी एफडीए ने कार्रवाई की। गुरुवार को उखर्रा रोड स्थित फैक्ट्री में टीम ने छापा मारा। यहां से तीन सैंपल लिए गए। अधिकारियों का कहना है कि चाऊमीन नूडल्स बनाने में बड़ी मात्रा में मोनो सोडियम ग्लूटामेट का प्रयोग किया जा रहा था। सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
अभिहीत अधिकारी रामनरेश यादव ने बताया कि शहर में मैगी ब्रांड के नूडल्स का पता लगाने के लिए गोपनीय तरीके से जांच कराई जा रही है। नूडल्स बनाने वाली फैक्ट्रियों में भी पड़ताल की जा रही है। गुरुवार को उखर्रा रोड पर स्थित ‘डोलमा नूडल्स’ फैक्ट्री में छापा मारा गया। तकरीबन पांच क्विंटल नूडल्स बरामद हुए। यहां सॉस की बिक्री भी जा रही थी। टीम ने नूडल्स, सॉस और साल्ट के तीन सैंपल भरे हैं। आशंका है कि साल्ट में बड़ी मात्रा में मोनो सोडियम ग्लूटामेट का प्रयोग किया जा रहा था। सॉस की गुणवत्ता भी संदिग्ध है। फैक्ट्री में गंदगी भी थी। इस पर नोटिस दिया गया। सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। कार्रवाई में सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान भी शामिल रहीं।
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रेस्टोरेंट और ठेलों पर भी शिकंजे की तैयारी
खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग ने अब रेस्टोरेंट और सड़क के किनारे चाऊमीन बनाकर बेचने वालों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। अभिहीत अधिकारी ने बताया कि अब तक माना जाता था कि चाऊमीन मैदा की बनाई जाती है। यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह नहीं है। लेकिन जिस तरह फैक्ट्रियों में कच्ची चाऊमीन बनाने के लिए साल्ट प्रयोग किया जा रहा है उससे लगता है कि सड़क किनारे चाऊमीन तलने वाले और भी कुछ ऐसे पदार्थ मिला रहे होंगे जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।