जवाहर नवोदय विद्यालय में 16 सितंबर को हुई छात्रा की कथित हत्या के मामले में आज तक जांच टीमें किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। विशेष जांच दल (एसआईटी) को भी दो महीने हो चुके हैं, फिर भी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। शनिवार को पीड़िता के पिता ने कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष से मुलाकात की। अब राहुल गांधी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हुंकार भरेंगे।
बता दें कि नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में बने पूजा घर में 16 सितंबर की सुबह कक्षा 11 की छात्रा का शव फंदे पर लटका मिला था। पुलिस प्रशासन ने इसे आत्महत्या माना, लेकिन परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट भी दर्ज कराई। साथ ही दुष्कर्म की भी संभावना जताई थी।
परिजनों के विरोध प्रदर्शन के बीच सीबीआई जांच के लिए संस्तुति की गई है। एसटीएफ जांच के बाद एक दिसंबर को एसआईटी का गठन मुख्यमंत्री की ओर से किया गया था। दो महीने बीतने के बाद भी एसआईटी इस मामले में कोई खुलासा नहीं कर सकी है।
विगत शुक्रवार को छात्रा की मां ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस प्रियंका गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष सपा अखिलेश यादव, डीएम और एसपी को प्रार्थना पत्र भेजा है। इसमें कहा है कि तत्कालीन अधिकारियों ने बेटी के साथ दुष्कर्म किए जाने की रिपोर्ट को दबाए रखा।
मृतका की मां ने मांग रखी है कि जांच को प्रभावित करने वाले त्कालीन जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक के साथ ही क्षेत्राधिकारी भोगांव, इंस्पेक्टर भोगांव, शासन द्वारा जांच के लिए भेजी गई एसटीएफ के सीओ व पोस्टमार्टम करने वाले तीन चिकित्सक डॉ. पवन राजपूत, डॉ. आनंद किशोर व डॉ. निशिता सिंह को सह आरोपी बनाने के साथ ही गिरफ्तार कर पूछताछ की जाए।
पूर्व जिलाध्यक्ष से हुई बात के बाद पीड़िता के पिता ने बताया कि राहुल गांधी के ओएसडी ने जानकारी दी कि प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी दोनों ही इस परिवार की तब तक हर संभव मदद करेंगे जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलता है।