आगरा। थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के कलवारी में मां की मृत्यु के बाद करोड़ों रुपये की कृषि भूमि बेचने के मामले में कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी में दूसरा पक्ष सामने आया। सोमवार को मृतका के बेटे शरद चंद बंसल और तहसील के कातिब गुड्डन ने प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। दावा कि मामले में वर्ष 2023 में दर्ज प्राथमिकी का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
सोमवार को शरद चंद बंसल ने प्रेसवार्ता में दावा किया कि उनकी मां सरला रानी बंसल ने 30 मार्च 2012 को उनके नाम पर जमीन की वसीयत की थी। उनकी बहन का नाम खतौनी में अंकित नहीं है। जमीन बेचने के मामले में हुई जांच में मिलन बंसल, कृष्ण कांत सहित अन्य दोषी पाए गए। थाना शाहगंज में 16 अक्तूबर 2023 को प्राथमिकी दर्ज हुई थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अब वो सभी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराएंगे। शरद चंद बंसल के खिलाफ 9 जनवरी को थाना जगदीशपुरा में कोर्ट के आदेश पर न्यू लश्करपुर निवासी कृष्ण कांत गौतम ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया किया कि शरद चंद बंसल ने अपनी मां के नाम दर्ज जमीन का दाखिला खारिज अपनी बहन को शादीशुदा दर्शाकर करा लिया। यह जमीन दो करोड़ से अधिक कीमत की थी। संवाद