मनमाने आधार पर पैसे ऐंठ रहे पब्लिक स्कूल
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बच्चे के जूते, ड्रेस, बैग भले ही खराब न हों फिर भी नए सत्र में स्कूल के लिए बेकार। बुक सेट के साथ ड्रेस तक नया, वो भी मनमानी कीमत पर। ऐसे तमाम कान्वेंट स्कूल के तुगलकी आदेशों को अभिभावक मजबूरन पूरा करने को बाध्य हैं। स्थिति ये है कि शैक्षणिक सत्र के पहले महीने (अप्रैल) में अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा पर 15 से 25 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। साफ है कि माडर्न पढ़ाई के लिए खुले पब्लिक स्कूल अब मनमाने आधार पर अभिभावकों से पैसे ऐंठते हैं।
जबकि हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि पांच साल के बाद ही ड्रेस बदली जा सकती है। इसके लिए दो साल पहले अभिभावकों को यह बताना होगा। पुलिस लाइन निवासी ऐसे ही एक अभिभावक जय वर्मा का कहना है कि कान्वेंट स्कूलों पर लगाम कौन लगाए। अभिभावकों की मजबूरी के चलते यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।
1500 से 5500 रुपये की बुकसेट
कान्वेंट में नर्सरी की किताबों का सेट किसी के भी होश उड़ा सकता है। इसके दाम 1500 रुपये से लेकर 5500 रुपए तक है। 1500-3000 रुपये के सेट अमूमन नए कान्वेंट स्कूल के हैं। नामी स्कूलों का सेट 4500 से 5500 रुपये के बीच है।
एक से कक्षा पांच 2500 से 5000 रुपए
छह से कक्षा आठ 4500 से 7000 रुपए
नौ से कक्षा दस 5000 से 7500 रुपए
एक साल में पांच ड्रेस
कान्वेंट स्कूल में प्रति छात्र के लिए पांच ड्रेस अनिवार्य हैं। इसमें गर्मी, सर्दी के लिए अलग-अलग। दोनों मौसम में पड़ने वाले शनिवार के लिए अलग-अलग। इसके अलावा स्कूल एक्टिविटी में भाग लेने के लिए अलग ड्रेस जरूरी है। इसकी कीमत 750 रुपए से लेकर 2500 रुपए प्रति ड्रेस की कीमत है।