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पब्लिक में दौड़ा गुस्से का ‘करंट’

Thu, 10 Sep 2015 02:02 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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लखनऊ से कटौती
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रात 2:50 से सुबह 4:50
दोपहर 2:20 से 5:10 बजे
लोकल कटौती का ढर्रा
सुबह 7:00 से 8:00
सुबह 9:00 से 11:30
दोपहर 1:00 से 2:00
शाम 7:00 से रात 10:30
12 से 14 घंटों की बिजली कटौती ने लोगाें को बेहाल कर दिया है। लोग बेबस जरूर हैं, लेकिन देर रात और अल सुबह की कटौती से उनमें गुस्से का करंट दौड़ रहा है। कभी लखनऊ तो कभी टोरंट की लोकल कटौती के नाम पर बिजली गुल होने से लोग तीन दिनों से न तो चैन की नींद सो पा रहे हैं और न ही दिन में सुकून मिल पा रहा है। शहर से देहात तक लोगों में कटौती को लेकर उबाल है। शंकरगढ़ की पुलिया के बाद बुधवार को मंटोला में लोगों ने कटौती के खिलाफ पुतला फूंककर विरोध जताया।
मंगलवार के मुकाबले बुधवार को बिजली की कटौती और बढ़ गई। गांव में तय 10 घंटे के उलट बुधवार को महज 8 घंटे तो जिले में 13 घंटे आपूर्ति दी गई। सरकार महानगर में 17 घंटे आपूर्ति का दावा कर रही है। यानी 7 घंटे तो प्रदेश सरकार ही कटौती मान रही है। इन 7 घंटों के बाद लोकल कटौती और की जा रही है जो सब-स्टेशनवार हो रही है। यूपी पावर कारपोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक औद्योगिक फीडरों को 24 घंटे आपूर्ति है, लेकिन यह महज आंकड़ों की बाजीगरी है। ताजनगरी में केवल जूते की ही 7500 से ज्यादा इकाइयां हैं, जहां बिजली जाते ही काम ठप हो रहा है। लोगों में सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात को लेकर है कि रात में दो-दो घंटों की दो से तीन बार कटौती होने से न तो वह सो पा रहे हैं और न ही बच्चों की पढ़ाई हो पा रही है।
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मंटोला में फूंका टोरंट का पुतला
ताबड़तोड़ कटौती के खिलाफ मंटोला तिराहे पर राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी ने टोरंट पावर का पुतला फूंका। क्षेत्रीय लोगों ने दोपहर 12 बजे तिराहे पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और पुतला जलाकर कटौती का विरोध किया। अदनान कुरैशी ने कहा कि अगर आपूर्ति का ढर्रा नहीं सुधरा तो टोरंट के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। पुतला फूंकने वालों में शरीफ काले, सुहैल कुरैशी, इरफान, चंचल उस्मानी, शफीक कुरैशी, नौशाद खान, सनी कुरैशी, बशीर, कामरान आदि मौजूद रहे। इस पर टोरंट पॉवर के पीआरओ रजनीश पाठक का कहना है कि मंटोला में बिजली चोरी के चलते 90 फीसदी से ज्यादा लाइन लॉस है। इसी से नेटवर्क खराब हुआ है। दबाव बनाने के लिए लोगों ने पुतला फूंका है।
बुधवार को और बिगड़े हालात
स्थान    9 सितंबर    8 सितंबर        तय आपूर्ति
गांव      8:22    8:51    10
तहसील    9:52    10:48     12
जिला    13:17    15:21    15
मंडल    16:37    18:06    18
बुंदेलखंड    11:10    13:10    15
महानगर    17:29    20:06    20
औद्योगिक    24    24

दवाओं को तो जिंदा रहने दो
आगरा। दवाएं संजीवनी हैं, लेकिन बिन बिजली ये संजीवनी बेअसर हो रही हैं। इंसान की तरह दवाओं की भी जिंदगी होती है, लेकिन मौसम के कहर और बिजली की जबरदस्त कटौती से दवाओं की ‘धड़कनें’ भी थम रही हैं। बिजली गुल हो जाने पर पारा चढ़ते ही दवाओं की क्षमता कितनी कम हो रही है, इसका एहसास उनके रखवालों को भी नहीं है। वैक्सीन और कई इंजेक्शन 2 से 8 डिग्री तापमान के बीच रखे जाने चाहिए, लेकिन चार दिनों से जारी 12 घंटो की कटौती से दवा मंडी फव्वारा में कोल्ड चेन टूट रही है। मेडिकल कालेज सबस्टेशन क्षेत्र से हर रोज हो रही कटौती से रेफ्रिजरेटर जवाब दे गए हैं, ऐसे में कोल्ड चेन काम ही नहीं कर पा रही। वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन ने निर्माण से लेकर वितरण तक वैक्सीन और इंजेक्शन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निर्देश भी दे रखे हैं। वैक्सीन और इंजेक्शन का असर ज्यादा तापमान पर प्रभावित होता है।

ये रहनी चाहिए 2 डिग्री पर
इंसुलिन
डिप्थीरिया
टिटनेस
हेपेटाइटिस-बी
एंटी रैबीज
एचआईवी वैक्सीन
पोलियो
मीजल्स

बच्चों की मौत भी न जगा सकी
लगातार बिजली गुल होने से एसएन मेडिकल कालेज में बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन राज्य सरकार ने इससे सबक फिर भी नहीं सीखा। बिजली कटौती से सबसे ज्यादा मुश्किलें मरीजों को हो रही हैं। नेबुलाइजर लगवाने वाले मरीजों का शिड्यूल बिगड़ रहा है। सुबह से शाम तक गुल हो रही बिजली के चलते सांस रोगियों को दिन में तीन से चार बार नेबुलाइजर लगवाने के लिए क्लीनिक तक जाना पड़ रहा है, जबकि उखड़ती हुई सांसों में चार कदम चलना भी मुश्किल भरा हो रहा है। शहीद नगर, नगला छऊआ, अलबतिया, दौरेठा, मधुनगर, देवरी रोड, बल्केश्वर, मारुति इस्टेट, सुभाष नगर, बालाजीपुरम्, अवधपुरी, जवाहरपुरम्, आवास विकास कालोनी, दयालबाग में बिजली आपूर्ति के हालात ज्यादा खराब हैं।

होटलों में नाइट स्टे से सैलानियों ने किया किनारा
रात में 4 से 8 घंटों की कटौती के चलते शहर का होटल उद्योग पर बड़ा असर पड़ रहा है। जनरेटर के दौरान बजट क्लास होटल एसी नहीं चला पा रहे। ऐसे में पर्यटक उनसे विवाद करते दिख रहे हैं। तीन दिनों में नाइट स्टे करने वाले पर्यटक सुबह होते ही आगरा से ही चले गए, जबकि उनमें से अधिकांश को चार से पांच दिन तक रुक कर आगरा के अन्य स्मारक देखने थे। दिल्ली के ट्रेवल आपरेटर आगरा की बिजली कटौती को भुनाते हुए पर्यटकों से कहने भी लगे हैं कि सुबह आगरा जाकर रात में दिल्ली वापस आने में ही भलाई है। आगरा में कटौती के कारण होटल में सो नहीं पाएंगे। होटल उद्यमियों पर बिजली गुल होने से डीजल का खर्च तो बढ़ ही रहा है, उस पर पर्यटक भी सुबह होते ही भाग रहे हैं।
बिजली कटौती: अछनेरा में ग्रामीणों ने घेरा सबस्टेशन  
एक पखवाडे़ से लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट गहराने से आमजन कराह उठे हैं। अछनेरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने बुधवार को सबस्टेशन का घेराव कर प्रदर्शन किया।
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अछनेरा क्षेत्र में मात्र पांच से छह घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही है। इसके चलते पेयजल संकट गहरा गया है। बाजार में दुकानदार परेशान हैं और गांवों में किसानों फसलों की सिंचाई न होने से परेशान हैं। बुधवार दोपहर रायभा के युवा संगठन के प्रदीप चौहान के नेतृत्व में अछनेरा विद्युत सबस्टेशन का घेराव किया गया। उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान लक्ष्मण सिंह, नीरज सिंह, जितेन्द्र सिसौदिया, रामअवतार, गौरव अग्रवाल, सुनील सिंह आदि मौजूद रहे। लादूखेड़ा में मात्र तीन से चार घंटे आपूर्ति मिल रही है। इससे लोगों में आक्रोश है। पेयजल संकट गहराने से समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, नलकूप न चल पाने के कारण किसानों की फसल सूख रही हैं। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग की है। वहीं, शमसाबाद में भी विद्युत व्यवस्था चरमराने से लोगों को मुश्किल बढ़ गई है। यहां 24 घंटे में मात्र छह घंटे बिजली मिल रही है। इससे कस्बे में लोगों में आक्रोश है।
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