चैंबर के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि युद्ध के कारण गैस की आपूर्ति में कटौती की गई है। कच्चा माल महंगा हो गया है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में उद्यम को चलाने के लिए नए विद्युत कनेक्शन दिए जाएं। पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि टीटीजेड की बाध्यता और युद्ध के कारण कारोबार दम तोड़ रहा है। ऐसे में सरकार विशेष पैकेज की घोषणा करे।
पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि शासन ने श्रमिकों का पारिश्रमिक तीन हजार रुपये बढ़ाने के आदेश दिए हैं। इससे लघु उद्यमियों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। शासन से मांग है कि बढ़े वेतन में सब्सिडी दी जाए। एमएसएमई के सहायक निदेशक अभिषेक सिंह और नेहा महतो ने बताया कि युद्ध के चलते आयात-निर्यात और कच्चे माल के दाम बढ़ने से कारोबार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
इसके प्रति सरकार चिंतित है। इसका डाटा बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि सरकार कारोबारियों को राहत दे सकती है। बैठक में उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अंबा प्रसाद गर्ग, विनय मित्तल, राजीव अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, प्रशांत मित्तल, गोमित जैन, राजकुमार भगत, राजेश अग्रवाल, विकास मित्तल, नरेंद्र तनेजा, नारायण भरानी आदि मौजूद रहे।