कासगंज के बिलराम गेट चौराहे पर फोरलेन सड़क के लिए तोड़फोड़ के विरोध में धरने पर बैठे लोग और महिला?
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कासगंज। फोरलेन सड़क निर्माण में भवनों की तोड़फोड़ को लेकर शुक्रवार को भवन स्वामियों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने लोक निर्माण विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए बिलराम गेट चौराहे के समीप सड़क किनारे धरना दे दिया। भवन स्वामियों ने न्याय की मांग की। भवन स्वामी अपनी मांगों को लेकर हाथों में तख्तियां लिए थे। सुबह से शुरू हुआ धरना शाम के समय भाजपा जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी की मौजूदगी में एसडीएम ललित कुमार एवं भवन स्वामियों के बीच वार्ता के बाद समाप्त हुआ। निर्णय लिया गया कि फोरलेन पर बने पुराने नाले की पहली दीवार तक अतिक्रमण हटेगा। इस बात पर सभी सहमत हुए।
फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर करीब 200 भवनों में तोड़फोड़ हुई है। पांच दिन पूर्व पथवारी मंदिर तोड़ने के बाद उसके पीछे भवनों को तोड़ा गया। जिसमें एक नल कारोबारी का प्रतिष्ठान तोड़ा गया और उसके बराबर बने कुंभकारों के कई मकान तोड़े गए। इन भवन स्वामियों का कहना था कि लोक निर्माण विभाग ने जो निशानदेही पूर्व में की थी उसके अलावा अधिक तोड़फोड़ की है जिससे भवन स्वामियों को काफी क्षति हुई है। भवन स्वामियों का कहना था कि उनके पास भूमि के बैनामे हैं।
जबकि प्रशासन ने कहा कि नाले के बाहर कोई भी बैनामा मान्य नहीं है। नाले की पिछली दीवार तक ही भवन स्वामियों की हद है। इसी बात को लेकर प्रशासन और भवन स्वामियों के बीच में गतिरोध था। जिसको लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। सुबह के समय एसडीएम ललित कुमार, सीओ आरके तिवारी, तहसीलदार अजय कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से वार्ता की लेकिन कोई हल नहीं निकला। पीड़ित भाजपा जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में वार्ता करना चाहते थे। शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष के पहुंचने पर समस्या का समाधान हुआ। उसके बाद लगभग 4 बजे धरना समाप्त हो गया।