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कलेक्ट्रेट पर गरजे हिंदूवादी

Tue, 12 Jan 2016 01:49 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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गोकशी के विरोध और बारावफात जुलूस में प्रशासन के दोहरे मापदंड के विरोध में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय बाद कलेक्ट्रेट पर केसरिया रंग बिखरा। सैकड़ों की संख्या में एकजुट हुए कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस. चौहान को सात सूत्रीय ज्ञापन दिया गया।
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तय कार्यक्रम के अनुसार, विहिप और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता सुभाष पार्क स्थित सरस्वती शिशु मंदिर पर एकत्रित हुए। हाथों में केसरिया झंडा और सिर पर इसी रंग का दुपट्टा बांधे हिंदूवादी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। एक साथ इतनी संख्या में उमड़े हिंदूवादियों के जुलूस की वजह से एमजी रोड पर जाम लग गया। गोकशों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के नारे लगाते हुए कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठकर राम नाम का जाप करने लगे। इसके बाद सभी ने हनुमान चालीसा पढ़ा। बजरंगियों में प्रशासन की दोहरी नीति के खिलाफ गुस्सा दिखाई दिया। इस दौरान विहिप प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पाराशर ने कहा कि खुलेआम गोकशी हो रही है। जानकारी होने के बावजूद पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। अपराधी बेलगाम हो गए हैं। बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो हिंदूवादी सड़कों पर उतरेंगे। जुलूस का नेतृत्व महानगर गोरखा प्रमुख बंटी ठाकुर और जिला सह संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने किया। प्रदर्शन के दौरान महानगर मंत्री राजीव शर्मा, मदन वर्मा, मनीष पाराशर, अरुण माहौर, बल्देव बघेल, गजेंद्र पाल, विनोद शर्मा, सुभाष ढल, रवि दुबे आदि मौजूद थे।
पुलिस के हाथ-पांव फूले
कलेक्ट्रेट में एक साथ इतने बजरंगियों को देखकर पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। उन्हें अंदाजा नहीं था कि इतनी संख्या में प्रदर्शनकारी आ सकते हैं। हालांकि ज्ञापन के बारे में पहले से उन्हें सूचना थी लेकिन वे मानकर चल रहे थे कि कुछ ही लोग होंगे। मगर, जब भीड़ का रेला देखा तो वे उन्हें रोक ही नहीं पाए।
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मजार हटाने की मांग
हिन्दू परिषद कार्यकर्ताओं और बजरंगियों ने खंदारी पर पुल निर्माण में आड़े आ रही मजार को हटाए जाने की मांग की। उनका कहना था कि जब वहां से मंदिर को स्थानांतरित किया जा सकता है तो मजार को क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि विकास की राह में जाति-धर्म रुकावट नहीं बनने चाहिए।
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