आगरा। टीटीजेड (ताज संरक्षित क्षेत्र) मामले में सुप्रीम कोर्ट में उद्योगों के पक्ष में दमदार पैरवी कराने पर उद्यमियों ने बुधवार को मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप का सम्मान किया। शहर से ब्रेन ड्रेन रोकने के लिए न्यू अर्बन सेंटर में आईटी सिटी की स्थापना और नई जूता मंडी की मांग रखी। मंडलायुक्त ने आश्वासन देते हुए प्रस्ताव मांगे।
मंडलायुक्त सभागार में बुधवार को नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स सहित विभिन्न संस्थाओं ने मंडलायुक्त संग बैठक की। मंडलायुक्त ने कहा कि टीटीजेड पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश व्यापार हित में है लेकिन डगर अभी आसान नहीं है। उद्योगों को सर्वोच्च न्यायालय के नियमों का पालन करते हुए ही अपना विकास करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने रोजगार की तलाश में हर साल 20 हजार युवाओं के आगरा से पलायन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने भी आगरा में आईटी सिटी पर सहमति जताई है। इस पर मंडलायुक्त ने न्यू अर्बन क्षेत्र में आईटी सिटी की स्थापना की दिशा में काम करने का भरोसा दिया।
वहीं, उद्यमी धर्मेंद्र सिंह नरूला ने चर्म व जूता उद्योग के लिए बुनियादी सुविधाओं की मांग करते हुए जूतों पर कर (टैक्स) की भिन्नता का मुद्दा उठाया। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कर विसंगति के इस मामले को विधानसभा में उठाने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चैंबर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष नितेश अग्रवाल, अंबा प्रसाद गर्ग, सीताराम अग्रवाल, प्रशांत जैन, निमित, पुलकित, शुभम कंसल सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।