इसमें रह रहे डॉ. कबीर गर्ग के लैपटॉप की जांच की गई। इसमें बाल यौन शोषण से संबंधित सात हजार से अधिक वीडियो और फोटो मिले। इसके अलावा बाल शोषण सामग्री के सैकड़ों लिंक भी मिले। जब उन्हें पकड़ा गया, उनके लैपटॉप पर साइट खुली हुई थी। उन्होंने लॉगिन किया हुआ था। डॉ. कबीर गर्ग को लंदन में सजा होने के बाद आगरा के चिकित्सकों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। वह आगरा के जाने माने चिकित्सक के बेटे हैं। उनके पिता कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।
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हॉस्पिटल में थे कार्यरत
मूलत: आगरा के रहने वाले कबीर गर्ग ने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस किया है, जबकि यूके जाने से पहले बेंगलुरू से नेशनल इंस्टीटयूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज में काम किया। वह लंदन में एक हास्पिटल में कई साल से कार्यरत थे। उनके लैपटॉप में बाल यौन शोषण से संबंधित कई लेख भी मिले। जांच एजेंसी ने पाया था कि यौन शोषण से बच्चों के मन मस्तिष्क पर क्या प्रभाव पड़ता है, इससे वो भली भांति वाकिफ थे। इनमें यौवन और किशोर कामुकता, भारत में बाल शोषण पर अध्ययन शामिल था।
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कबीर ने खुद को मान लिया दोषी
पत्नी से विवाद में भी चर्चा में रहे कबीर