मैनपुरी। मौसम में परिवर्तन के साथ ही जिले में धूल और धुआं के साथ प्रदूषण बढ़ रहा। ऐसे में दमा के मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। जिला अस्पताल पहुंचे दमा के दो मरीजों की मौत हो गई। वहीं अस्पताल की ओपीडी में 70 से 80 मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिले में धूल-धुआं और प्रदूषण लोगों के फेफड़ों को कमजोर कर रहा है। बढ़ते प्रदूषण के चलते लोग दमा के रोगी बन रहे हैं। जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से दमा के मरीजों की संख्या बढ़ी है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में दमा के 78 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। आठ मरीज गंभीर हालत में भर्ती कराए गए। छह मरीजों को हालत बिगड़ने के बाद मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया।
औंछा थाना क्षेत्र के गांव बुढ़र्रा निवासी सुभाष चंद्र (55) को दमा की दिक्कत थी। परिजन ने उन्हें बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शहर के करहल रोड निवासी प्रेम सिंह (60) साल को भी दमा की दिक्कत थी। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर बृहस्पतिवार की रात जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चार ऑक्सीजन मशीन कराईं सक्रिय
दमा के मरीजों के लिए ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में सीएमएस ने महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार को चार मशीनें सक्रिय कराईं। सीएमएस ने कहा कि इमरजेंसी में मरीजों की उचित देखभाल की जाए।
बचाव के उपाय-
- धूम्रपान न करें, तनाव नहीं लें, टहलें।
- लंबी सांस लेने का नियमित व्यायाम करें।
- गहरी सांस लें और तीन सेकंड तक रोकें।
- हवा को बाहर निकालने के लिए पेट की मांसपेशियों का उपयोग न करें।
- प्रदूषण से बचने को थ्री लेयर मास्क का उपयोग करें।