क्या कहते हैं ग्रामीण
इंदा जसनपुर के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि बाढ़ रोकने के लिए पक्के बांध बनें। बाढ़ आने से तीन दर्जन से अधिक गांव का संपर्क टूट जाता है पिछले चुनावों में यह मुद्दा बना लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों की मांग पर ठोस पहल नहीं हुई।
कादरगंज के संग्राम सिंह ने कहा कि बाढ़ के साथ-साथ कटान की अहम समस्या है गांव मिहोला में हर बार कटान होता है। इस बार इस गांव के पास जो बांध है उससे मात्र 10 मीटर दूरी पर कटान हुआ। यदि बांध कट जाता तो पूरा गांव डूब जाता।
बरौना के राजवीर सिंह ने कहा कि बरौना, समसपुर, नगला खंदारी, नेथरा में भी बाढ़ व कटान का खतरा रहता है। प्रत्याशियों ने जब जब इस समस्या से समाधान का भरोसा दिया। तब तब उन्हें विधानसभा तक पहुंचाने में तराई के लोगों न अहम भूमिका निभाई।
नवादा के नेम चंद ने कहा कि क्षेत्र में जन सहयोग से एक कच्चा बांध लगभग 50 वर्ष पूर्व बना। इसी बांध पर हमेशा मरम्मत हो जाती है। पक्के बांध का कोई इंतजाम नहीं है जब तक पक्का बांध नहीं बनेगा तब तक इस समस्या से निपटना मुश्किल होगा।