'एक लाख रुपये एडवांस जमा करने को कहा'
दवाओं का खर्चा अलग होगा। कुल मिलाकर हर रोज 50-60 हजार रुपये खर्च होंगे। रिसेप्शनिस्ट ने मरीज भर्ती करने के लिए एक लाख रुपये जमा कराने को भी कहा। तीमारदार ने पूछा कि कितने दिन बाद मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आ जाएगी, इसके बारे में उसे बताया कि 15 दिन में जांच रिपोर्ट निगेटिव आ जाएगी।
ऑडियो का संज्ञान लेकर जांच कराई जाएगी: सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय का कहना है कि निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए सरकार ने दर तय कर रखी है। ऑडियो का संज्ञान लेकर जांच कराई जाएगी। पीड़ित तीमारदार से अपील है कि वह विभाग में आकर लिखित में शिकायत भी कर दे।
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