हाईकोर्ट के आदेश मानते हुए डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने प्राइवेट कालेजों को शुल्क संबंधी पत्र जारी कर दिए हैं। इसमें कालेज संचालकों को एससी-एसटी छात्रों की शासन से शुल्क प्रतिपूर्ति के बाद फीस जमा करने की छूट दी गई है। अभी तक कालेज संचालक सामान्य छात्रों की फीस के साथ ही एससी-एसटी के छात्रों की फीस जमा करते आ रहे थे। कोर्ट की शरण लेने के बाद उनको ये राहत मिली है। कालेज संचालक बृजेश शर्मा ने बताया कि प्रति छात्र 2070 रुपये फीस जमा करनी होती है, शासन से ये फीस कई महीने बाद मिलती है। परीक्षा नियंत्रक केएन सिंह ने बताया कि कालेजों की मांग मानते हुए शासन से शुल्क प्रतिपूर्ति होने के बाद फीस भरने को कहा गया है।
मांग मानी, फिर भी नहीं जमा कर रहे फीस
मांग मानने के बाद भी प्राइवेट कालेज परीक्षा फीस जमा करने में पीछे हैं। अभी भी 90 कालेजों की फीस बकाया है। बता दें कि 300 कालेजों पर विश्वविद्यालय का करीब 85 करोड़ रुपये बकाया था। शुल्क न मिलने के चलते ही 11 मार्च से होने वाली परीक्षाएं टाल दी गईं।
नोडल सेंटर पर पहुंचीं उत्तरपुस्तिकाएं
विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा की तैयारी जोरों पर है। 13 नोडल सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा के लिए उत्तरपुस्तिकाएं नोडल सेंटर पर भेजना शुरू कर दिया गया है।