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UP Board Result 2026: खून से सने थे हाथ, ये हैं आगरा सेंट्रल जेल के नौ बंदी; 10वीं और 12वीं फर्स्ट डिविजन पास

Fri, 24 Apr 2026 10:23 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के केंद्रीय कारागार में बंद 9 कैदियों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम श्रेणी हासिल कर शिक्षा के जरिए नई शुरुआत की मिसाल पेश की। कभी अपराध में लिप्त रहे ये बंदी अब पढ़ाई के दम पर जिंदगी बदलने की राह पर हैं, जहां जेल प्रशासन भी उन्हें शिक्षा से जोड़ने में जुटा है।
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आगरा सेंट्रल जेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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दामन पर लगे जुर्म के दाग ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। अंधकारमय हुई जिंदगी में शिक्षा से अलख जगाने की कोशिश की। जहां कभी हाथों में हथियार और आला कत्ल थे, वहीं अब किताबों से रिश्ता जुड़ गया। आखिर में मेहनत रंग लाई। केंद्रीय कारागार के 9 बंदियों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में प्रथम श्रेणी हासिल की। एक बंदी ने तो हाईस्कूल में सबसे अधिक 73 प्रतिशत अंक पाकर सामान्य विद्यार्थियों से आगे आकर मुकाम हासिल कर लिया।
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केंद्रीय कारागार के जेलर संतोष वर्मा ने बताया कि हाईस्कूल में 8 बंदियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से सभी उत्तीर्ण हो गए। बंदी लखन ने सबसे अधिक 73% (438) प्रतिशत अंक प्राप्त किए। कैलाश ने 70% (420), प्रमोद कुमार ने 67.50 % (405), राहत अली ने 65.67% (394), अंकुश ने 64.50% (387), संदीप कुमार ने 61.33 (368), प्रेमशंकर ने 60.01% (361) और अशोक ने 52.67% (316) अंक प्राप्त किए।


 

इसी तरह इंटरमीडिएट की परीक्षा में 9 परीक्षार्थी थे। इनमें से 8 पास हुए। सचिन कुमार ने 63.20 (316), जीतू जितेंद्र ने 60 (300), आनंद कुमार 59.20 (296), धर्मेंद्र सिंह 52.80 (264), राजेश 49.60 (248), हुकुम सिंह 49.40 (247), सोमेश 48.40 (242), हरीश चंद ने 48.40 (242) प्रतिशत अंक से पास हुए। वहीं एक बंदी रामराज फेल हो गया। बंदियों की पढ़ाई के लिए जेल में अलग से व्यवस्था है। दो शिक्षक आते हैं। वह रोजाना 40 से 50 बंदियों को शिक्षित करने का कार्य करते हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट करने वालों के फाॅर्म भरवाए जाते हैं। इसके बाद उनकी पढ़ाई कराई जाती है। जेल में लाइब्रेरी भी है। फिरोजाबाद स्थित जेल में परीक्षा होती है।

जिला जेल के 4 बंदियों ने नहीं दी परीक्षा
जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि हाईस्कूल में इस बार एक भी परीक्षार्थी नहीं था जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा में 10 बंदियों ने आवेदन किया था। जमानत स्वीकृत होने के कारण 4 बंदी रिहा हो गए। वह परीक्षा देने के लिए नहीं आए। 6 बंदियों ने परीक्षा दी। इनमें से 3 ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की। 3 बंदी द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। इंटरमीडिएट की परीक्षा में पास होने वाले 2 बंदियों ने कारागार में बंद रहने के दाैरान वर्ष 2024 में भी हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। जेल प्रशासन लगातार बंदियों को शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहा है।
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हत्या, दुष्कर्म जैसे अपराध, 3 रहे प्रथम
जेल प्रशासन के मुताबिक, बंदी अतुल कुमार को थाना एत्मादपुर पुलिस ने हत्या की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया था। इंटर की परीक्षा में उसे 301 अंक मिले। उन्होंने 60.2% अंक प्राप्त किए। थाना सिकंदरा में वर्ष 2024 में दर्ज दुष्कर्म, गैर इरादतन हत्या के मामले में निरुद्ध दिनेश कुमार ने 313 अंक प्राप्त किए। वह 62.6 % अंक से प्रथम रहे। खंदाैली से हत्या, हत्या का प्रयास सहित अन्य धारा में निरुद्ध बंदी सतेंद्र कुमार को 251, थाना बाह से हत्या सहित अन्य धारा में निरुद्ध साैरभ पाराशर को 297, किरावली से दहेज हत्या में निरुद्ध सोनवीर को 286 अंक मिले। तीनों द्वितीय श्रेणी में पास हुए। थाना ताजगंज से दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट में निरुद्ध साैरभ को 301 अंक मिले। वह प्रथम श्रेणी में पास हुए। 4 परीक्षार्थी वीरबल सिंह, मंजीत राठाैर, मयंक गोयल और प्रिंस सिंह ने परीक्षा नहीं दी थी।
 
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