मैनपुरी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने सोमवार को जिला जेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक बंदी ने सचिव से कहा कि अपराध कबूल है। साहब मेरा मुकदमा खत्म करा दीजिए। प्राधिकरण के सचिव गौरव प्रकाश ने जेलर को बंदी से संबंधित संपूर्ण विवरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में अतिशीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जेल निरीक्षण के दौरान बैरक नंबर आठ-बी के बंदी विपिन कुमार ने प्राधिकरण सचिव से कहा कि वह एक अपराध में जेल में बंद है। वह मुकदमा नहीं लड़ना चाहता है। उसको अपना अपराध कबूल है। अपराध स्वीकार करके वह मुकदमे से निजात पाना चाहता है। प्राधिकरण सचिव ने जेलर से कहा कि विपिन का विवरण कार्यालय में भेजें। जिससे उसके मामले में निर्णय लिया जा सके।
निशुल्क वकील दिलाने की मांग
बैरक नंबर आठ-ए के बंदी रामस्वरूप ने मुकदमा लड़ने के लिए निशुल्क वकील दिलाने की मांग की। प्राधिकरण सचिव ने रामस्वरूप का प्रार्थनापत्र विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में भेजने के निर्देश जेलर को दिए।
सचिव ने सुनीं बंदियों की समस्याएं
प्राधिकरण सचिव ने जेल की बैरक सात-ए, सात-बी, आठ-ए, आठ-बी, अल्प वयसक बैरक एक और दो का निरीक्षण करके बंदियों की समस्याएं सुनीं। बंदियों की समस्याओं का जेल मैनुअल के अनुसार निराकरण करने के निर्देश जेलर को दिए। निरीक्षण के दौरान जेलर पीके त्रिवेदी, डिप्टी जेलर मोनिका सचान, पीएलवी जितेंद्र कुमार, देवेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।