मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया का कहना है कि भारत तरक्की के हर पायदान पर पहुंचा है, बावजूद सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना चुनौती बना हुआ है। उन्होंने बेसिक स्कूलों में बच्चों को प्राथमिक चिकित्सा की शिक्षा देने की पैरवी की। उन्होंने कहा इसे कोर्स में शामिल कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने होटल जेपी पैलेस में इंटरनेशनल सेप्सिस फोरम और इंडियन सोसाइटी आफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की 22वीं कांफ्रेंस ‘क्रिटिकेयर-2016’ का उद्घाटन किया।
बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने गांवों में अस्पताल और डाक्टरों की कमी को चुनौती बताया। इंडियन सोसाइटी आफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के अध्यक्ष डा. शिवकुमार अय्यर ने वेंटीलेटर पर मरीज, जिसके बचने की उम्मीद नहीं है, उन्हें चिकित्सकीय संस्तुति और परिजनों की सहमति से वेंटीलेटर से हटाकर सामान्य उपचार देने की बात कही। कहा, इस प्रावधान से परिजनों का आर्थिक नुकसान बचेगा, वेंटीलेटर भी अन्य मरीज के उपयोग में आएगा। कांफ्रेंस सचिव डा. रणवीर त्यागी ने सोसाइटी के कार्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही बताया कि कांफ्रेंस का उद्घाटन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को करना था कि लेकिन किसी कारणवश उनका आना रद्द हो गया। डा. आरके मणि ने बताया कि देश में आईसीयू की बेहद कमी है। देश में गंभीर मरीजों की जरूरत को देखते हुए दस लाख आईसीयू की दरकार है, जबकि 50 हजार ही हैं।
सचिव डा. राकेश त्यागी ने धन्यवाद और डा. राकेश भाटिया ने संचालन किया। आयोजन अध्यक्ष डा. सुभाष चंद्रा, डा. दीप्तिमाला अग्रवाल, डा. अतुल कुलकर्णी, डा. राजकुमार गुप्ता आदि उपस्थित रहे।