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UP News: अग्निवीर बनवाने का दिखा रहे थे सपना, एसटीएफ ने दो ठगों को किया गिरफ्तार; सरगना की तलाश जारी

Fri, 02 Aug 2024 10:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

एसटीएफ ने भगवान टाॅकीज पर घेराबंदी कर दो ठगों को पकड़ा, जो युवाओं को अग्निवीर बनाने का सपना दिखाकर ठगी कर रहे थे। दोनों से पूछताछ की जा रही है। 


 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में अग्निवीर भर्ती में सफल करा देने का झांसा देकर मेरठ और बुलंदशहर का गिरोह ठगी कर रहा था। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) आगरा इकाई की टीम ने बृहस्पतिवार को न्यू आगरा क्षेत्र से गिरोह के सदस्यों ताजगंज के ओमकार सिंह और हाथरस के दुष्यंत उर्फ विष्णु को गिरफ्तार किया। आरोपी मेडिकल में पास कराने व मेरिट में नाम बढ़वाने का झांसा देते थे। 8 लाख तक रकम तय करने के बाद मूल प्रमाणपत्र रख लेते थे। गिरोह के सरगना कपिल, नीरज और आदेश हैं, टीम उनकी तलाश कर रही है।
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आगरा में अग्निवीर भर्ती एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में 14 जुलाई से 1 अगस्त तक हुई थी। एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि एक गिरोह युवाओं से ठगी कर रहा है। एसटीएफ एसपी राकेश कुमार ने टीम को लगाया। गिरोह के बारे में जानकारी मिलने पर टीम लग गई।


 

बृहस्पतिवार को भगवान टाॅकीज चौराहे से दो लोगों को पकड़ा गया। इनमें गांव करबना, ताजगंज निवासी ओमकार सिंह और मदनई, सादाबाद, हाथरस निवासी दुष्यंत उर्फ विष्णु हैं। दोनों के खिलाफ थाना न्यू आगरा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4), 61 (2) के तहत केस दर्ज किया गया।
 

अभ्यर्थियों को करते हैं कॉल
एसटीएफ को आरोपियों ने बताया कि मेरठ के हस्तिनापुर के गांव पूठा का कपिल गूजर, बुलंदशहर के कोतवाली देहात स्थित ट्रांसपोर्ट नगर निवासी नीरज सिंह और आदेश सिंह मुख्य सरगना हैं। वह अग्निवीर की लिखित परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों का डाटा ले लेते हैं। इसके बाद उन्हें कॉल करते हैं। उन्हें मेडिकल में पास कराने और मेरिट में नाम बढ़वाने का झांसा देते हैं। अभ्यर्थियों के तैयार होने पर 7-8 लाख रुपये की मांग करते हैं। उनसे मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र ले लेते हैं। अभ्यर्थी का चयन हो जाता है तो उससे भर्ती कराने की बात करते हुए रुपये ले लेते हैं। कपिल की हार्डवेयर की दुकान है। गिरफ्तार आरोपियों से आर्मी इंटेलिजेंस ने भी पूछताछ की है। यह पता किया जा रहा है कि उन्होंने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया।



 
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यह हुई बरामदगी
आरोपियों से 2-2 हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की अंकतालिका, निवास प्रमाणपत्र, पिछड़ी जाति के प्रमाणपत्र, बाइक, मोबाइल, 1 एनसीसी-सी प्रमाणपत्र, 250 रुपये बरामद किए गए।
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