मैनपुरी। डीजीसी फौजदारी ने कहा कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दबाव बनाकर अधिकारियों से गलत काम कराना चाहते हैं। निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए हड़ताल कराते हैं। अध्यक्ष के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। रेडक्राॅस की जमीन पर कब्जा करने का मुकदमा चल रहा है। डीजीसी बुधवार को दीवानी स्थित कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ यादव ने कई बाहरी लोगों को एसोसिएशन का सदस्य बना लिया है। जिनके माध्यम से वह वसूली कराते हैं। एसोसिएशन के वरिष्ठ वकीलों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना उनकी कार्यशैली बन चुकी है। एक जनवरी को अध्यक्ष ने अपने साथियों की मदद से डीजीसी पर प्राणघातक हमला किया था, जिसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई जा चुकी है। अध्यक्ष द्वारा एक वकील के चैंबर में ताला डालकर कब्जा किया है। जिसकी रिपोर्ट भी कोतवाली में दर्ज कराई गई है।
डीजीसी फौजदारी ने कहा कि पुलिस दर्ज मामलों की जांच कर रही है। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए अध्यक्ष ने मनमाने तरीके से हड़ताल करा दी है। स्टांप वेंडर तथा फोटो स्टेट की दुकानों को भी बंद करा दिया है। इससे वादकारी परेशान हो रहे हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कई सालों से एसोसिएशन में हिसाब भी नहीं दिया है। इस मौके पर सभी एडीजीसी मौजूद रहे।
वहीं अध्यक्ष सौरभ यादव का कहना है कि डीजीसी फौजदारी द्वारा लगाए गए सारे आरोप गलत हैं। डीजीसी ने ही उन पर हमला किया है। बाद में झूठी रिपोर्ट लिखा दी है। बार एसोसिएशन के चुनाव में हारने वाले लोग एक साजिश के तहत दीवानी का माहौल खराब कर रहे हैं।
तीसरे दिन बार एसोसिएशन अध्यक्ष की हालत बिगड़ी
मैनपुरी। चार मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की बुधवार को हालत बिगड़ गई। दीवानी पहुंची डॉक्टरों की टीम ने उनका परीक्षण किया। टीम प्रभारी डॉक्टर अमित राजपूत के अनुसार उनकी हालत में गिरावट आई है। भूख हड़ताल पर बैठे पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि चारों मांगें पूरी नहीं होने तक भूख हड़ताल लगातार जारी रहेगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ यादव तथा डीजीसी फौजदारी वीरेंद्र कुमार मिश्रा के बीच एक फरवरी को हुए विवाद के बाद दो फरवरी से वकील आंदोलन कर रहे हैं। दोनों लोग एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट लिखा चुके हैं। छह फरवरी से बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ यादव, सचिव संतोष यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनीत निगम भूख हड़ताल शुरू कर चुके हैं।
बुधवार को अध्यक्ष की हालत बिगडने पर डॉक्टरों की टीम ने दीवानी पहुंचकर उनका परीक्षण किया। अध्यक्ष ने बताया कि उनकी चार मांगें हैं, जिनको पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। मांगें पूरी नहीं होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। पुलिस को उनके द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट पर कार्रवाई करनी चाहिए।
दबाव में नहीं करेंगे समझौता
बार एसोसिएशन सभागार के बाहर बुधवार को वकीलों की बैठक हुई। एएच हाशमी ने कहा कि वकीलों की मांगेें न्यायोचित हैं। उनको पूरा किया जाना चाहिए। वकील दबाव में आकर आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। बैठक में पहुंचे कुरावली अध्यक्ष सुरजीत राठौर, किशनी तहसील अध्यक्ष उदयराज, करहल अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने वकीलों को समर्थन देने की घोषणा की। जगपाल सिंह यादव, विनोद चौहान, बिंदू यादव, अनुपम सिंह, विनीता भदौरिया, पुष्पेंद्र गुप्ता, प्रतिवेद लोधी, सुनील यादव, ब्रजकिशोर शाक्य, मुकेश बाबू शर्मा मौजूद रहे। बैठक में बार एसोसिएशन आमसभा की बैठक नौ फरवरी को दोपहर 1.30 बजे बुलाने का भी निर्णय लिया गया।
समझौते का प्रयास शुरू
वकीलों के बीच चल रहे विवाद के समझौते के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं। बुधवार को एक न्यायिक अधिकारी ने समझौते की पहल की है। न्यायिक अधिकारी के बुलाने पर बार एसोसिएशन की ओर से एएच हाशमी, जगदीश सिंह शाक्य, राजीव यादव, सुरेश यादव ने पहुंचकर आंदोलन कर रहे वकीलों का पक्ष रखा। दूसरे गुट की ओर से भी कुछ वकीलों ने पहुंचकर अपना पक्ष रखा है।