स्टडी टूर के दाैरान पार्षदों के दल ने टैक्स कलेक्शन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया सीखी। साथ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के आधुनिक प्लांट और डोर-टू-डोर कलेक्शन, बारिश के दौरान ड्रेनेज सिस्टम को तकनीक से कैसे नियंत्रित करना भी देखा।
आगरा नगर निगम के पार्षदों का दल बंगलूरू, मैसूर और ऊटी के सात दिवसीय स्टडी टूर से शुक्रवार रात वापस लौट आया है। वहां के नगर निगमों की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अध्ययन करना था।
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बंगलूरू नगर निगम के उच्चाधिकारियों ने पार्षदों को सुशासन का नया मंत्र दिया। एक पोर्टल, एक नंबर की नीति पर काम करने की प्रणाली को समझाया। अध्ययन दल ने टैक्स कलेक्शन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया सीखी। साथ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के आधुनिक प्लांट और डोर-टू-डोर कलेक्शन, बारिश के दौरान ड्रेनेज सिस्टम को तकनीक से कैसे नियंत्रित करना भी देखा।
बायोमेट्रिक और डिजिटल माध्यम से कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की जानकारी मिली। मैसूर नगर निगम की कार्यशैली और स्वच्छता मॉडल पर पार्षदों ने गहरी रुचि दिखाई। भाजपा पार्षद दल नेता प्रकाश केशवानी और बसपा पार्षद दल नेता कप्तान सिंह ने बताया कि वहां की तकनीक और जनता की भागीदारी का समन्वय काबिले तारीफ है। बंगलूरू का आईटी आधारित कंट्रोल रूम आगरा के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। वहां देखा कि कैसे एक ही खिड़की से जलभराव और कूड़े जैसी शिकायतों का निस्तारण होता है। इन सुझावों को सदन में रखेंगे।